निर्दयता से हत्या करने वाले आरोपी कल्याण सिंह को आजीवन सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया

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अपर सत्र न्यायाधीश पाटन, जिला जबलपुर के द्वारा चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज सत्र प्रकरण क्र. 439/2021 थाना चरगंवा के अपराध क्रमांक 418/2020 में अभियुक्त कल्याण सिंह को धारा 302 भादवि में आजीवन सश्रम करावास एवं 2000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 324 भादवि में 06 माह का कारावास व 500 रू अर्थदण्ड एवं 307 भादवि में 03 वर्श का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

 

अभियोग पत्र अनुसार मामला इस प्रकार है कि दिनांक 29.12.2020 को ग्राम हीरापुर से झगडे की सूचना मिलने पर आरक्षी केन्द्र चरगंवा से उप निरीक्षक रीतेश पाण्डे, आरोपी के घर के पास ग्राम हीरापुर हार पहुचे जहां पन्नालाल ने इस आशय की इंटीमेशन लेख कराई कि उसके आर्थात पन्नालाल के चाचा शंकरलाल की पुत्री गुड्डी बाई का विवाह आरोपी कल्याण सिंह के साथ हुआ था। दिनांक 29.12.2020 को सुबह करीब 07.00 बजे गुड्डी बाई ने उसके अर्थात् गुड्डी बाई की पुत्री भागवती ग्राम कोहली निवासी अमलेश के साथ भाग गई थी जिस बात को लेकर आरोपी कल्याण सिंह उसे अर्थात् गुड्डी बाई को परेशान करता है। दिनांक 28.12.2020 को भागवती का फोन आया था तो वह अर्थात् गुड्डी बाई, अपनी पुत्री भागवती से फोन पर बात कर रही थी जिस कारण आरोपी कल्याण सिंह ने उक्त दिनांक 28.12.2020 को रात्रि में उसे अर्थात गुड्डी बाई को मारपीट की है। गुड्डी बाई द्वारा उसे अर्थात् प्रार्थी पन्नालाल को उक्त सूचना देने के करीब 15-20 मिनट बाद उसके अर्थात् पन्नालाल के पुत्र सुरेश के मोबाइल पर आरोपी कल्याण सिंह के पुत्र शिवम ने कॉल कर उससे अर्थात् पन्नालाल से पूछा कि क्या गुड्डी बाई ग्राम कोहली आयी है, तब उसने अर्थात् पन्नालाल ने शिवम से कहा कि हां, आई है। तब शिवम ने पन्नालाल को बताया कि उसका अर्थात् शिवम का पिता आरोपी कल्याण सिंह, दवाई पी कर घर के कमरे में लेटा है तथा उठ नहीं पा रहा है एवं उससे अर्थात् पन्नालाल से गुड्डी बाई को लेकर जल्दी आरोपी के घर पहुंचने को कहा है। शिवम द्वारा उक्तानुसार बताने पर वह अर्थात् पन्नालाल, पन्नालाल की पत्नी कल्लू बाई, पन्नालाल की बहू अंजना बाई, पन्नालाल का चाचा रज्जू, पन्नालाल की चाची पार्वती बाई तथा पन्नालाल की चचेरी बहन गुड्डी बाई, ग्राम हीरापुर स्थित आरोपी कल्याण सिंह के घर गये, जहां घर के बाहर आरोपी का पुत्र शिवम खड़ा था। तब उसकी अर्थात् पन्नालाल की आवाज सुनकर आरोपी कमरे से बाहर आया, तब उसने अर्थात् पन्नालाल ने आरोपी से पूछा कि उसने अर्थात् आरोपी ने गुड्डी बाई के साथ मारपीट क्यों की है। तब आरोपी कल्याण सिंह उन पर गुस्सा करने लगा तथा उन्हें अश्लील गालियां देने लगा। जब उसने आरोपी को गाली-गलौच करने से मना किया तो आरोपी कमरे के अंदर से लोहे की कुल्हाड़ी लेकर आया तथा जान से मारने की नीयत से आरोपी ने कल्लू बाई को पीठ में कुल्हाड़ी मारी, जब वह अर्थात पन्नालाल उक्त कल्लू बाई को बचाने गया तो आरोपी ने उसे अर्थात् पन्नालाल को जान से मारने की नीयत से कुल्हाड़ी से मारा जिससे उसके बांये हाथ की कोहनी के पीछे चोट आई। इसी क्रम में कल्लू बाई, अंजना बाई तथा गुड्डी बाई नहर के रास्ते तरफ से ग्राम कोहली की ओर भागकर दूर खड़े होकर मदद के लिए चिल्लाने लगे तथा आरोपी को समझाने की कोशिश की, उसी समय रज्जू और पार्वती बाई, हीरापुर गांव की तरफ भागे तो रज्जू, घर के पास पड़े पत्थरों में फंसकर गिर गये, तभी कल्याण सिंह ने जान से मारने की नीयत से रज्जू की गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई बार मारा। जब उन्होंने आरोपी को समझाने की कोशिश की तो आरोपी ने उन्हें मां-बहन की गाली दी तथा जान से मारने की धमकी दी। फिर आरोपी कल्याण सिंह, उक्त कुल्हाड़ी, वहीं पास में ही फेंककर मोटरसाइकिल से हीरापुर तरफ भाग गया जिसके पश्चात् वह अर्थात् पन्नालाल तथा पार्वती बाई, रज्जू के पास गये तो देखा कि रज्जू की गर्दन के पीछे सिर के उपर एवं बांयी कनपटी में कुल्हाडी के गहरे घाव लगे थे तथा रज्जू की मृत्यु हो चुकी थी उक्त घटना के आधार पर थाना चरगंवा में अपराध क्रमांक 416/2020 अंतर्गत धारा 294, 307, 302, 506/2 भादवि पंजीबद्ध किया गया।

दौरान विवेचना अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

उपसंचालक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उइके के मार्गदर्शन में अभियोजन की ओर से श्री संदीप जैन विशेष लोक अभियोजक के द्वारा मामले में सशक्त पैरवी की।

श्री संदीप जैन विशेष लोक अभियोजक के तर्को से सहमत होते हुए न्यायालय श्रीमान ओमप्रकाश रजक अपर सत्र न्यायाधीश पाटन, जिला जबलपुर के द्वारा चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज सत्र प्रकरण क्र. 439/2021 थाना चरगंवा के अपराध क्रमांक 418/2020 में अभियुक्त कल्याण सिंह को धारा 302 भादवि में आजीवन करावास एवं 2000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 324 भादवि में 06 माह का कारावास व 500 रू अर्थदण्ड एवं 307 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

 

 

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