विद्यालय शिक्षा समिति सदस्यों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न

घोसी प्रखंड अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय रामगंज के सभागार में विद्यालय शिक्षा समिति (VSS) के सदस्यों का तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में शिक्षक, अभिभावक, समुदाय प्रतिनिधि एवं विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा पर दिया गया जोर
प्रशिक्षण शिविर के दौरान जिला प्रशिक्षक नवीन कुमार ने बताया कि विद्यालयों में 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को नि:शुल्क, अनिवार्य एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना राज्य और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बाल-केंद्रित शिक्षा प्रणाली के माध्यम से विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को भय, सदमा और चिंता से मुक्त कर सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन पर चर्चा,
प्रशिक्षक ने बताया कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है, ताकि बच्चों के शैक्षणिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास का समुचित आकलन हो सके। इसके साथ ही शिक्षा के प्रति लोक भागीदारी बढ़ाकर विद्यालय और समुदाय के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया।
समुदाय की सहभागिता से मजबूत होगा विद्यालय
प्रशिक्षण में यह बताया गया कि जब तक समुदाय की सक्रिय भागीदारी नहीं होगी, तब तक विद्यालयों का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। शिक्षा समिति के माध्यम से विद्यालय विकास योजना तैयार कर संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं बच्चों की उपस्थिति व गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।
इन विषयों पर दिया गया प्रशिक्षण
तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई—
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act)
शिक्षक–अभिभावक बैठक का महत्व
विद्यालय विकास योजना (SDP)
विद्यालय स्वच्छता एवं स्वास्थ्य शिक्षा
बच्चों के अनुकूल सीखने का वातावरण
शिक्षा में समुदाय की भूमिका,
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा समिति के सदस्यों को अपने अधिकारों, दायित्वों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर मीडिया संभाग प्रभारी श्रीमती नैनिका कुमारी,
प्रशिक्षिका कविता देवी,
प्रधानाध्यापक अशोक कुमार,
शिक्षा समिति अध्यक्ष रीकु देवी,
सचिव अनिता देवी,
संगीता देवी सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे,
निष्कर्ष,
प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से शिक्षा समिति के सदस्यों में शैक्षणिक जागरूकता, जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण के बाद विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी।