दूषित जल से हुई मौतों पर सरकार बनाए कड़ा कानून : अजय सिंह

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पेयजल समस्या को गंभीरता से लेकर पूरे प्रदेश के लिए ठोस योजना की मांग
सीधी | 5 जनवरी 2026
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार को ऐसी घटनाओं से सबक लेकर तत्काल कड़ा कानून बनाना चाहिए, जिसमें दोषियों की जिम्मेदारी तय हो और सख्त सजा का प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता और यह समस्या प्रदेश के लगभग सभी जिलों में मौजूद है।
अजय सिंह ने कहा कि पानी का अधिकार मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम में प्राथमिकता से शामिल है, इसके बावजूद पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में अब तक कोई ठोस सुधार नहीं किया गया है। आज भी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी की सप्लाई लाइनें सीवर लाइनों के पास से गुजर रही हैं, जिससे ओवरफ्लो की स्थिति में दूषित पानी पीने के पानी में मिल जाता है। उन्होंने कहा कि इन लाइनों को शिफ्ट करना बेहद जरूरी है और आधुनिक तकनीक के दौर में यह कोई कठिन काम नहीं है, आवश्यकता केवल राजनीतिक दृढ़ इच्छाशक्ति की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से नहीं निभा रही हैं। किसी भी घटना के बाद एक-दूसरे पर दोष मढ़ दिया जाता है और सरकार केवल अधिकारियों का तबादला या निलंबन कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेती है। अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि निलंबन कोई सजा नहीं है, सजा तभी सुनिश्चित होगी जब कड़ा कानून बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच समितियां बनाकर केवल जनता का आक्रोश कुछ समय के लिए शांत किया जाता है, बाद में वही पुरानी व्यवस्था चलती रहती है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह किया कि वे पेयजल जैसी गंभीर समस्या को, जो सीधे लोगों के स्वास्थ्य, जीवन और मृत्यु से जुड़ी है, व्यक्तिगत रुचि लेकर गंभीरता से लें। उन्होंने मांग की कि विशेषज्ञों की सलाह से पूरे प्रदेश के लिए तत्काल एक ठोस और प्रभावी पेयजल योजना तैयार की जाए। अजय सिंह ने कहा कि मानव लापरवाही से होने वाली अकाल मौतों का दर्द वही परिवार समझ सकता है, इसलिए सरकार को संवेदनशील रुख अपनाते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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