इंदौर जलकांड: 18 मौतें, सैकड़ों बीमार — भाजपा सरकार की लापरवाही पर कांग्रेस सीधी का तीखा प्रहार

इंदौर भाजपा सरकार की अक्षम्य, आपराधिक और अमानवीय लापरवाही के चलते इंदौर में गटर का गंदा पानी पीने से अब तक 18 निर्दोष नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग आज भी जिंदगी और मौत के बीच अस्पतालों में संघर्ष कर रहे हैं। यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सरकारी निकम्मेपन और प्रशासनिक विफलता से उपजा जनसंहार है।
इस भयावह त्रासदी पर जब एनडीटीवी के एक वरिष्ठ पत्रकार ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जवाबदेही तय करने का सवाल किया, तो मंत्री ने जिम्मेदारी लेने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग कर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान किया। यह भाजपा की उस मानसिकता को उजागर करता है, जिसमें जनता की जान से ज़्यादा सत्ता का अहंकार महत्वपूर्ण है।
इतना ही नहीं, प्रदूषित पानी से बीमार पड़े नागरिकों के समुचित इलाज, मुआवज़ा और राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के बजाय मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच पर दांत निपोरकर बेशर्मी का प्रदर्शन किया गया, जिसने पूरे प्रदेश को शर्मसार कर दिया।
घंटा बजाकर ‘सोई सरकार’ को जगाने का प्रयास,
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार,
दोषी मंत्रियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई,
पीड़ित परिवारों को न्याय व मुआवज़ा,
और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को तत्काल बर्खास्त करने की मांग को लेकर
जिला कांग्रेस कमेटी सीधी द्वारा जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री ज्ञान सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने
घंटा बजाकर चिरनिद्रा में सोई हुई, असंवेदनशील और अहंकारी
मोहन यादव सरकार को जगाने का प्रतीकात्मक प्रयास किया।
जुलूस, नारे और तीखा प्रतिरोध
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस भवन से जुलूस के रूप में रवाना हुए,
घड़ी-घंटा बजाते हुए गगनभेदी नारों के साथ
पहले सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के आवास पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।
इसके पश्चात कार्यकर्ता विधायक श्रीमती रीति पाठक के शासकीय आवास पहुंचे,
जहां भाजपा सरकार के खिलाफ तीखा और आक्रामक विरोध दर्ज कराया गया।
नारे साफ थे—
“लापरवाह सरकार, जवाब दो!”
“इंदौर जलकांड के दोषियों को जेल भेजो!”
“पत्रकारों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान!”
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस विरोध प्रदर्शन में
प्रदेश कांग्रेस के संभागीय प्रवक्ता प्रदीप सिंह दीपू,
महिला कांग्रेस प्रदेश महामंत्री श्रीमती कुमुदिनी सिंह,
संगठन प्रभारी महामंत्री ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री,
महिला कांग्रेस कार्यवाहक जिला अध्यक्ष श्रीमती शशिकला द्विवेदी,
कृतिमा सिंह, अब्दुल समद, अब्दुल मजीद, हल्के सोनी, ओंकार सिंह करचूली, जय सिंह, अशोक कोरी, गोविंद मिश्रा,
ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप द्विवेदी,
अखंड प्रताप सिंह,
कांग्रेस सेवा दल जिला प्रमुख अरविंद सिंह रोशन,
सूचना अधिकार प्रकोष्ठ अध्यक्ष हारून मंसूरी,
पंचायती राज संगठन प्रदेश महामंत्री अजीत सिंह चुहिया,
जिला अध्यक्ष संजय सिंह,
शीला साकेत, गौरी साकेत, रामविलास पटेल, विनोद विश्वकर्मा, शिवनारायण सिंह शंखू, दिग्विजय सिंह, राहुल शानेन्द्र सिंह, नागेश्वर साकेत, अखिलेश सिंह चंदेल, रनसेर अली खान, मोहम्मद हफीज, लाला भाई, प्रदीप दीक्षित, अनुज सिंह सहित
बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस का दो टूक संदेश
कांग्रेस ने साफ कहा कि
“जब तक इंदौर जलकांड के दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती,
जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता,
और जब तक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पद से हटाया नहीं जाता—
तब तक संघर्ष जारी रहेगा।”
यह सिर्फ इंदौर की लड़ाई नहीं,
यह जनता की जिंदगी, लोकतंत्र और जवाबदेही की लड़ाई है।