ग्राम पंचायत सरहरी में करोड़ों के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जांच व कठोर कार्रवाई की मांग

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट
डिंडोरी जिले के ग्राम पंचायत सरहरी में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ता त्रिलोक चौहान द्वारा लगातार विभागीय अधिकारियों एवं सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन आज दिनांक तक किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
शिकायत में बताया गया है कि ग्राम पंचायत सरहरी में बिना किसी निर्माण कार्य के ही अमृत सरोवर योजना की संपूर्ण राशि का आहरण कर लिया गया। इस संबंध में 22 जनवरी 2025 एवं 27 जून 2025 को शिकायत की गई थी, साथ ही सीएम हेल्पलाइन पर भी मामला दर्ज कराया गया, लेकिन अब तक कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई।
इसी तरह पंचायत में पुलिया निर्माण कार्य घटिया एवं गुणवत्ताहीन मुरूम और मिट्टी से कराया गया। इसकी शिकायत 14 जुलाई 2025 को की गई, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत सरहरी में घोघरा नाला पर लगभग 14.95 लाख रुपए की लागत से चैक डेम निर्माण दर्शाया गया, जबकि वास्तविक निर्माण मात्र 1 से 1.5 लाख रुपए में ही पूर्ण कर लिया गया और शेष राशि फर्जी तरीके से आहरित कर ली गई। इस पूरे मामले की जिम्मेदारी रोजगार सहायक मलिंद्र सिंह पर डाली गई है। आरोप है कि रोजगार सहायक ने अपने सगे संबंधी मनीष सप्लायर (जो कि उनकी मौसी का पुत्र है) को पंचायत के अधिकांश कार्यों का ठेका दिलवाकर निर्माण कार्यों में केवल लीपापोती कराई। इस संबंध में 21 जुलाई 2025 को शिकायत की गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके अलावा पंचायत में सार्वजनिक पेयजल कूप निर्माण भी नियम विरुद्ध एवं गुणवत्ताहीन बताया गया है। यह कूप एक लगभग 100 वर्ष पुराने और उपयोगी बड़े तालाब के पास तथा पहले से मौजूद हितग्राही मूलक कूप के निकट बनाया गया, जो नियमों के खिलाफ है। इसकी शिकायत 28 जुलाई 2025 को की गई थी।
मनरेगा में भी गंभीर अनियमितता सामने आई है। शिकायतकर्ता का जॉब कार्ड क्रमांक MP-45-002-042-001-/594 रोजगार सहायक द्वारा 25 मार्च 2024 को डिलीट कर दिया गया। आरोप है कि डिलीट करने से पहले इसी जॉब कार्ड पर फर्जी हाजिरी चलाई गई, जबकि शिकायतकर्ता ने आज तक पंचायत में कोई कार्य नहीं किया। इस मामले की शिकायत 6 अगस्त 2025 को तथा सीएम हेल्पलाइन में भी की गई, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ग्राम पंचायत सरहरी के रोजगार सहायक मलिंद्र सिंह एवं मनीष सप्लायर की चल-अचल संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि भ्रष्टाचार का खुलासा हो सके।
अंत में संबंधित अधिकारी से निवेदन किया गया है कि ग्राम पंचायत सरहरी में किए गए सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी रोजगार सहायक एवं उसके साथ शामिल अन्य भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लग सके।