अनीता वेयरहाउस मड़ियारास केंद्र में किसानों से तय मानक से अधिक धान लिया जा रहा 

अधिकारी आंख में पट्टी बांधकर करते हैं निरीक्षण

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खमोद चन्देल जिला ब्यूरो डिंडोरी

 

डिंडोरी – जिले के अनीता वेयरहाउस अंतर्गत संचालित धान उपार्जन केंद्र मड़िया रास में किसानों से धान खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि खरीदी प्रभारी एवं संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से शासन द्वारा निर्धारित मानक से अधिक धान लिया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों के अनुसार, शासन के पुराने वरदान में जहां प्रति बोरी 40 किलो 600 ग्राम धान लेने का प्रावधान है, वहीं वर्तमान में खरीदी केंद्र 40 किलो 800 ग्राम तक धान लिया जा रहा है। यानी प्रत्येक बोरी पर लगभग 200 ग्राम अतिरिक्त धान किसानों से जबरन लिया जा रहा है।

स्थानीय किसानों का आरोप है कि यह जिले का एक अनोखा खरीदी केंद्र बन गया है, जहां नियमों को दरकिनार कर खरीदी प्रभारी मनमानी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि लगभग हर सप्ताह अधिकारी निरीक्षण के लिए केंद्र पहुंचते हैं, लेकिन वे “आंखों पर पट्टी बांधकर” निरीक्षण करते हैं। किसानों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान इन खामियों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता है, जिससे वेयरहाउस और खरीदी प्रभारी को लाभ पहुंचाया जा सके।

जब किसान अतिरिक्त धान लेने का विरोध करते हैं तो उन्हें ही दोषी ठहराया जाता है। अधिकारियों द्वारा यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि किसान स्वयं अपनी सहमति से अधिक धान देता है। किसानों का कहना है कि यह सहमति मजबूरी में दी जाती है, क्योंकि उन्हें किसी भी हाल में अपना धान बेचना होता है। विरोध करने पर किसानों की फसल में तरह-तरह की कमियां निकाली जाती हैं और खरीदी प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया जाता।

किसानों का यह भी आरोप है कि खरीदी केंद्र पर उन्हें कोई सुविधा नहीं दी जाती। कई मामलों में किसान स्वयं धान भरते हैं और यहां तक कि अपना कांटा (तराजू) लेकर तुलाई करने को मजबूर होते हैं। इसके बावजूद खरीदी प्रभारी द्वारा किसी प्रकार की सहायता नहीं दी जाती।

किसानों का कहना है कि यदि प्रति बोरी 200 ग्राम अतिरिक्त धान लिया जा रहा है, तो हजारों बोरियों में यह मात्रा क्विंटल में बदल जाती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान और वेयरहाउस को अनुचित लाभ हो रहा है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि धान खरीदी केंद्र मड़िया रस की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तुलाई प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और दोषी खरीदी प्रभारी, गोदाम मिस्त्री एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों का शोषण रोका जा सके।

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