मह़ोबा में सनसनी: संपत्ति के लालच में नौकर दंपति ने बुज़ुर्ग और बेटी को कैद रखा, भूख से बुज़ुर्ग की मौत – बेटी कुपोषण से जिंदगी-मौत के बीच झूल रही

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PLACE – महोबा

REPORTER – राम सिंह

DATE – 29.12.2025

संपत्ति हड़पने की नीयत से नौकर दंपति द्वारा एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी और उनकी मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी को पांच वर्षों तक घर में कैद और भूखा-प्यासा रखने का चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। कमजोर देखभाल और भोजन की कमी से 70 वर्षीय ओमप्रकाश राठौर की मौत हो गई, जबकि 27 वर्षीय बेटी रश्मि अत्यधिक कुपोषण के कारण हड्डियों का ढांचा मात्र रह गई है। दिल दहला देने वाली यह घटना शहर कोतवाली क्षेत्र की हिन्द टायर गली की है।

जानकारी के मुताबिक मृतक ओमप्रकाश राठौर रेलवे विभाग में सीनियर क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त थे। लगभग दस वर्ष पहले पत्नी की मृत्यु के बाद वे अपनी मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी रश्मि के साथ अलग रह रहे थे। इसी दौरान उन्होंने चरखारी निवासी रामप्रकाश कुशवाहा और उसकी पत्नी रामदेवी को देखभाल के लिए रखा था।

आरोप है कि नौकर दंपति ने समय के साथ पूरे मकान पर कब्जा कर लिया और ओमप्रकाश व रश्मि को निचले कमरे में बंद कर दिया। खुद वे ऊपरी कमरे में रहने लगे और पिता-बेटी को भोजन व देखभाल के लिए तरसाते रहे। मृतक के भाई अमर सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों से परिवार के सदस्यों को ओमप्रकाश से मिलने नहीं दिया जा रहा था। नौकर दंपति बहाना बनाकर हर बार उन्हें लौटा देते थे।

सोमवार को ओमप्रकाश की मौत की सूचना मिलने पर परिजन जब घर पहुंचे, तो नज़ारा देखकर उनके होश उड़ गए। ओमप्रकाश का शरीर पूरी तरह सूख चुका था, जबकि बेटी रश्मि एक अंधेरे कमरे में नग्न अवस्था में मिली। अत्यधिक भूख और उपेक्षा से उसका वज़न बेहद कम हो गया है और शरीर पर सिर्फ हड्डियां शेष हैं। हालांकि उसकी सांसें चल रही थीं, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और नौकर दंपति के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय स्तर पर घटना ने आक्रोश और सनसनी फैला दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर समाज और परिवार की नज़रों से इतने साल तक यह दर्दनाक सच कैसे छिपा रह गया।

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