मनुस्मृति विवाद पर गरजा ब्राह्मण समाज: सांसद चंद्रशेखर रावण की सदस्यता रद्द करो, भीम आर्मी प्रमुख पर FIR दर्ज हो — संगठन की दो टूक मांग

सीधी।
मनुस्मृति दहन विवाद को लेकर अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज संगठन ने मंगलवार को सीधी में जोरदार विरोध दर्ज कराया। युवा जिला अध्यक्ष शत्रुघ्न पांडे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपते हुए नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण पर सोशल मीडिया में मनुस्मृति के खिलाफ उत्तेजक टिप्पणी करने तथा संसदीय मर्यादा को ध्वस्त करने का आरोप लगाया। संगठन ने दो टूक कहा— “धार्मिक भावनाओं को चोट पहुँचाने वाले को संसद की कुर्सी पर नहीं बैठना चाहिए,” और मांग की कि चंद्रशेखर रावण की संसद सदस्यता तत्काल रद्द की जाए।
संगठन के अनुसार सांसद की टिप्पणी ने न केवल समाज के एक बड़े वर्ग की आस्था को आहत किया, बल्कि देशभर में मनुस्मृति दहन जैसे विवादित कदमों को बढ़ावा दिया, जो संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
इसी के साथ संगठन ने पुलिस अधीक्षक सीधी को अलग से ज्ञापन सौंपा। इसमें भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह के विरुद्ध शिवपुरी में सार्वजनिक सभा के दौरान मनुस्मृति दहन कराने का आरोप लगाते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। संगठन ने कहा कि यह कृत्य “धार्मिक सौहार्द, कानून व्यवस्था और भारतीय परंपराओं पर सीधा हमला” है तथा इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मृत्युंजय मिश्रा, मार्तंड मिश्रा, विपिन द्विवेदी, सुधांशु तिवारी, कटारे सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संगठन ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर संवैधानिक प्रावधानों के तहत जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।