डिंडोरी क्षेत्र में पिकअप वाहनों से (पड़ा)भैंसों की खुलेआम ढुलाई, आखिर कहां ले जाई जाती हैं—जांच का विषय

डिंडोरी क्षेत्र में इन दिनों पिकअप वाहनों के जरिए(पडा )भैंसों की खुलेआम ढुलाई का मामला लगातार सामने आ रहा है। मुख्य सड़कों से लेकर ग्रामीण मार्गों तक, आए दिन पिकअप में ( पडा)भैंसों को ले जाते हुए देखा जा सकता है। यह ढुलाई किस उद्देश्य से की जा रही है और (पडा)भैंसों को आखिर कहां ले जाया जाता है, यह प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए जांच का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार भैंसों को बिना किसी उचित व्यवस्था के पिकअप में लादा जाता है। न तो पशु परिवहन के तय नियमों का पालन होता है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर आते हैं। इससे पशुओं की सेहत और सड़क सुरक्षा—दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्र में चर्चा है कि इन(पडा) भैंसों को दूसरे जिलों या दूरदराज के इलाकों में ले जाया जाता है, लेकिन इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या जानकारी सामने नहीं आई है। पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि यह ढुलाई अवैध या अमानवीय तरीके से हो रही है, तो यह कानून का उल्लंघन है और इस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
ग्रामीणों का आरोप है पिकअप वाहनों की सघन जांच की जाए, पशु परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, डिंडोरी क्षेत्र पड़रिया मोहदा से पिकअप वाहनों से हो रही (पडा)भैंसों की ढुलाई कई सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करता है या नहीं, और पशुओं के संरक्षण व कानून व्यवस्था को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।