भक्ति का सैलाब: पांढुरना से जामसांवली तक गूंजा ‘बजरंग बली’ का जयघोष; पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और जन-सेवा ने रचा नया इतिहास!

पांढुरना संवाददाता- निलेश कलस्कर जिला ब्युरो चिफ
पांढुरना/जामसांवली। वर्ष के अंतिम शनिवार को आयोजित होने वाली ऐतिहासिक ‘विशाल जामसांवली पदयात्रा’ ने आज पांढुरना जिले की धरती पर आस्था का वो मंजर पेश किया, जिसकी गूँज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। सुबह 7 बजे प्राचीन हनुमान मंदिर से जब हजारों भक्तों का कारवां निकला, तो 38 किलोमीटर का लंबा मार्ग एक ‘केसरिया समंदर’ में तब्दील हो गया। संतों के सानिध्य और भक्तों के अटूट विश्वास ने आज हर बाधा को बौना साबित कर दिया।
प्रशासनिक मुस्तैदी: सुरक्षा और सेवा का अनूठा उदाहरण
इस विशाल आयोजन की सफलता के पीछे पुलिस प्रशासन की फौलादी और चाक-चौबंद व्यवस्था की जितनी तारीफ की जाए कम है। हजारों की बेकाबू भीड़ को जिस संयम और अनुशासन के साथ संभाला गया, उसने जनता का विश्वास जीत लिया। चप्पे-चप्पे पर तैनात सुरक्षा बलों और सुचारू यातायात प्रबंधन ने यह सुनिश्चित किया कि हर श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने आराध्य के द्वार तक पहुँच सके।
सेवा की अविरत धारा: रास्ते भर बिछे रहे सेवादार
भक्ति के इस सफर में कदम-कदम पर सेवा और समर्पण के दृश्य दिखाई दिए। मार्ग में विभिन्न संगठनों द्वारा चाय, नाश्ता और दवाइयों के स्टॉल लगाए गए थे। इसी क्रम में, आदित्य क्लब पांढुरना द्वारा मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर अपनी थकान मिटाई। युवाओं की टोली से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई सेवा कार्य में जुटा नजर आया।
आध्यात्मिक संगम: संतों ने फूंकी नई ऊर्जा
आनंद धाम के श्रद्धेय संत श्री विवेक जी महाराज, हनुमंत श्री अजबराव साबले महाराज और अन्य पूज्य संतों की उपस्थिति ने पदयात्रा को दिव्य ऊर्जा से भर दिया। 2010 से शुरू हुई यह परंपरा आज एक विशाल ‘जन-आंदोलन’ का रूप ले चुकी है, जो क्षेत्र की अखंडता और सनातन संस्कृति का जीवंत प्रमाण है।
निष्कर्ष: आस्था की जीत
देर शाम तक जामसांवली धाम में भक्तों का तांता लगा रहा। लेटी हुई प्रतिमा के दर्शन कर हर आँख सजल थी और हर हृदय नए वर्ष की सुख-समृद्धि की कामना से भरा था। आज की यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पांढुरना की एकता और अटूट विश्वास की एक ऐसी गौरवगाथा बन गई है, जिसे आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा