स्वच्छ रसोई,सशक्त नारी की ओर बड़ा कदम, दिए जाएंगे 25 लाख नए गैस कनेक्शन

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सीधी (राकेश शर्मा)भारत सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाय) 3.0 के अंतर्गत देशभर में 25 लाख नए निःशुल्क घरेलू एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह योजना गरीब एवं वंचित परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं किफायती रसोई ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

 

भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशानुसार अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के विस्तारित चरण-2025 के अंतर्गत योजना के लाभों के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में गरीब परिवारों की महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में 10 करोड़ 33 लाख से अधिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जिससे स्वच्छ ईंधन तक पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

 

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केवल गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वास्थ्य संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी एक समग्र योजना है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को बिना किसी प्रतिभूति राशि के एलपीजी सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा होज एवं घरेलू गैस उपभोक्ता कार्ड प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही तेल विपणन कंपनियों द्वारा निःशुल्क गैस चूल्हा एवं पहला रिफिल भी उपलब्ध कराया जाता है।

 

योजना में किसी प्रकार का प्रशासनिक शुल्क नहीं लिया जाता, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। एलपीजी कनेक्शन महिला के नाम पर जारी किए जाने से महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक भूमिका सुदृढ़ होती है। पारंपरिक ईंधन से होने वाले धुएं से मुक्ति मिलने के कारण महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, साथ ही घरेलू वायु प्रदूषण एवं वनों की कटाई में भी कमी आई है। ईंधन संग्रह में लगने वाला समय बचने से महिलाएं शिक्षा, आजीविका एवं परिवार की देखभाल जैसे कार्यों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं।योजना के अंतर्गत वे महिलाएं पात्र होंगी, जिनके परिवार में पूर्व से कोई एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध नहीं है। पात्रता का निर्धारण वंचना/स्व-घोषणा पत्र के आधार पर किया जाएगा, जिसका सत्यापन जिला उज्ज्वला समिति द्वारा किया जाएगा।

 

आवेदन के लिए केवाईसी फॉर्म (फोटो सहित), निवास प्रमाण पत्र अथवा पीओए (यदि आधार में अंकित पता वर्तमान पते से भिन्न हो), परिवार संरचना दस्तावेज (राशन कार्ड या राज्य शासन द्वारा जारी प्रमाण पत्र), आवेदक एवं परिवार के सभी वयस्क सदस्यों का आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण तथा वंचना/स्व-घोषणा पत्र अनिवार्य होगा। प्रवासी परिवारों के लिए पीओए एवं परिवार संरचना हेतु स्व-घोषणा पत्र भी मान्य रहेगा।योजना का लाभ लेने हेतु इच्छुक महिलाएं अपने नजदीकी एलपीजी वितरक के माध्यम से, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की आधिकारिक वेबसाइट चउनल.हवअ.पद पर ऑनलाइन अथवा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।

 

योजना के लाभार्थियों में एलपीजी उपयोग में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में जहां औसतन 3.01 रिफिल प्रति वर्ष का उपयोग होता था, वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 4.47 रिफिल प्रति वर्ष हो गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छ पर्यावरण एवं बेहतर जीवनशैली की दिशा में एक प्रभावी और दूरगामी पहल सिद्ध हो रही है।

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