पक्के मकान वाले परिवार को पीएम आवास का लाभ, एससीसी डाटा में कूटरचना कर गरीब मजदूर वंचित

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट
शहपुरा (डिंडोरी) — ग्राम पंचायत मरवारी के पोशक ग्राम पड़रिया खुर्द के दो हितग्राही को कूट रचित ढंग सेप्रधानमंत्री आवास योजना लाभ प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना,में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि वास्तविक गरीब मजदूर हितग्राही को योजना का लाभ न देकर जनपद पंचायत शहपुरा द्वारा एससीसी (Socio Economic Caste Census) ग्राम डाटा में कूटरचित तरीके से नाम जोड़कर अपात्र परिवार को लाभ पहुंचाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित परिवार के पास पूर्व से ही पक्का मकान निर्मित था, इसके बावजूद पंचायत एजेंसी की मिलीभगत से परिवार के पुत्र के नाम पर एससीसी डाटा में नया नाम जोड़ा गया। इतना ही नहीं, बालक और पत्नी के नाम भी डाटा में दर्ज कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया गया। नियमों के अनुसार जिन परिवारों के पास पहले से पक्का मकान है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होते, फिर भी स्पष्ट नियमों की अनदेखी कर लाभ प्रदान किया गया।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस कूटरचना के चलते वास्तविक पात्र गरीब मजदूर परिवार आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं, जबकि अपात्रों को शासन की राशि का लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पंचायत कर्मियों एवं जनपद स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।