डिंडोरी विकास की नई ऊँचाइयों की ओर: शासन की योजनाओं से बदली जिले की तस्वीर – प्रभारी मंत्री प्रतिभा बागरी

खमोद चन्देल की रिपोर्ट –
डिंडोरी जिला के प्रभारी मंत्री एवं नगरीय विकास एवं आवास विभाग की मंत्री श्रीमती प्रतिभा बागरी ने डिंडोरी में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बीते वर्षों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। डिंडोरी आज विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है।
मंत्री श्रीमती बागरी ने बताया कि मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। निवेश को सरल, तेज एवं पारदर्शी बनाने के लिए एमपी इन्वेस्ट पोर्टल 3.0 लॉन्च किया गया है। विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती हेतु प्रशिक्षण देने के लिए बैगा एवं सहरिया जनजाति के लिए पृथक बटालियन गठित की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 11 लाख 46 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिसके साथ राज्य देश में प्रथम स्थान पर है। नक्सल प्रभावित जिलों में विकेन्द्रीकृत कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के समग्र विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।
बैगा बहुल क्षेत्रों में 32 नवीन आंगनवाड़ियां प्रारंभ की गई हैं, 902 बैगा परिवारों के घरों का विद्युतीकरण किया गया है। 31 सड़कों (कुल 76.03 किमी) को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 3 सड़कों (25.95 किमी) का निर्माण पूर्ण हो चुका है। योजना अंतर्गत 8021 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 4082 आवास पूर्ण हो चुके हैं। बैगा बहुल ग्रामों में 2 मेडिकल मोबाइल यूनिट संचालित की जा रही हैं।
सांदीपनि विद्यालय नरिया में 50-50 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं, जिनका निर्माण कार्य प्रगतिरत है। जिला चिकित्सालय डिंडोरी को 100 से 200 बिस्तरों में उन्नत किया गया है। 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हेल्थ सेंटर तथा 30 से 50 बिस्तर क्षमता वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कार्य जारी है। साथ ही 59 नवीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के भवन निर्माण प्रगतिरत हैं और 3 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। जिले को शव वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनसे अब तक 152 शवों का परिवहन किया गया।
पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 2 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 68 पीवीटीजी ग्रामों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। आरबीएसके कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 0 से 18 वर्ष तक के 92 बच्चों को निःशुल्क ऑपरेशन सुविधा उपलब्ध कराई गई। टीबी कार्यक्रम के अंतर्गत 2024-25 में 1836 तथा 2025-26 में 1380 निश्चय मित्र बनाए गए हैं, जो टीबी मरीजों को पोषण सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में 185 योजनाएं पूर्ण की गईं तथा 199 योजनाएं हस्तांतरित की गईं। 23,247 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान कर घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाया गया है। समस्याग्रस्त बसाहटों में 162 हैंडपंप खनन कर पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
खरीफ उपार्जन 2025-26 में 25,820 किसानों का पंजीयन हुआ है, कुल रकबा 42,980 हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.25 प्रतिशत अधिक है। एक जिला–एक उत्पाद योजना के अंतर्गत कोदो-कुटकी के रकबे में 10,000 हेक्टेयर का विस्तार हुआ है। वर्तमान में कुल रकबा 49,150 हेक्टेयर एवं संभावित उत्पादन 44,726 मीट्रिक टन है। जिले में पहली बार कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 47 हितग्राहियों को 318.97 लाख रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 39 हितग्राहियों को 267.13 लाख रुपये का लाभ प्रदान किया गया। आयुष विभाग द्वारा 1,73,674 रोगियों को औषधालयों के माध्यम से तथा 49,995 रोगियों को एनआरएचएम संस्थाओं के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया गया। 525 निःशुल्क आयुष चिकित्सा शिविरों में 38,447 लोगों को लाभ मिला।
आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के संपूर्णता अभियान में बजाग, करंजिया एवं मेहंदवानी विकासखंडों ने शत-प्रतिशत संतृप्ति प्राप्त की, जिसके लिए जिले को राज्य स्तरीय रजत एवं कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 107.18 करोड़ रुपये के 4073 कार्य स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही पानी रोको अभियान, जीरो टिलेज खेती, जैविक हाट-बाजार, स्व-सहायता समूहों को रोजगार, बीएसएनएल के नए टावर एवं राजस्व अभियान 3.0 के अंतर्गत शत-प्रतिशत निराकरण जैसी कई पहलें की गईं।
जिले का गौरव
मिलेट क्वीन लहिरी बाई एवं वाटर वॉरियर उजियारो बाई को जल संरक्षण एवं श्रीअन्न संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है, जिससे डिंडोरी जिले का नाम पूरे देश में गौरवान्वित हुआ है।
अंत में प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने जिला प्रशासन द्वारा ‘पंखिनी’ नवाचार के माध्यम से बालिकाओं को निःशुल्क कोचिंग एवं शारीरिक परीक्षा की तैयारी कराकर युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए सतत कार्य कर रहा है।