एक सचिव–दो पंचायतों का प्रभार बना ग्रामीणों के लिए अभिशाप
ग्राम पंचायत मरवारी में दो वर्षों से ठप रोजगार लाभ, पीएम आवास सत्यापन भी अधर में

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट
जनपद पंचायत शहपुरा क्षेत्र अंतर्गतग्राम पंचायत मरवारी में रोजगार सहायक सचिव की नियुक्ति को लेकर बनी अव्यवस्था ने ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। बीते करीब दो वर्षों से पंचायत में स्थायी रोजगार सहायक सचिव पदस्थ न होने के कारण मनरेगा सहित अन्य रोजगार योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में एक ही सचिव को दो भरौठी एवं मरवारी
पंचायतों का प्रभार दिए जाने से कार्य प्रभावित हो रहा है, जिसका सीधा खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक सचिव के लिए दो पंचायतों का प्रभार देखना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। परिणामस्वरूप न तो रोजगार पंजीयन, न ही मांग पत्र की समय पर प्रविष्टि हो पा रही है। मजदूरी भुगतान में देरी, कार्य स्वीकृति में लापरवाही और योजनाओं की निगरानी के अभाव से रोजगार गारंटी योजना लगभग ठप सी हो गई है।
इतना ही नहीं, ग्राम पंचायत मरवारी में प्रधानमंत्री आवास योजना का सत्यापन कार्य भी लंबे समय से लंबित है। पात्र हितग्राहियों के आवेदन सत्यापित न होने से उन्हें आवास योजना की किस्तों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत का संचालन राजनीतिक प्रभाव में किया जा रहा है, जिससे विकास कार्यों की प्राथमिकता तय नहीं हो पा रही है।
गौरतलब है कि रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे कि एक सचिव को केवल एक ही पंचायत का प्रभार दिया जाए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारु रूप से हो सके। इसके बावजूद मरवारी पंचायत में आदेशों की अनदेखी की जा रही है, जो शासन की मंशा पर सवाल खड़े करती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम पंचायत मरवारी में शीघ्र ही पूर्णकालिक रोजगार सहायक सचिव की नियुक्ति की जाए, ताकि रोजगार गारंटी योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई कर पंचायत व्यवस्था को पटरी पर लाने की भी मांग की जा रही है।