अविस्मरणीय पल के साथ बेंगलुरु विजिट से शकुशल लौटे,सीधी के विद्यार्थी

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सीधी( राकेश शर्मा ) आउट ऑफ स्टेट एक्सपोजर विजिट के तहत सीधी जिले के 17 विद्यार्थियों का दल बेंगलुरु भ्रमण से सकुशल लौट आया। यह दल दिनांक 30 नवंबर 2025 को शैक्षणिक अवलोकन एवं सांस्कृतिक अध्ययन हेतु बेंगलुरु रवाना हुआ था, तथा 08 दिसंबर 2025 को सीधी पहुंचा। वापसी के उपरांत शासकीय उत्कृष्ट उमावि क्रमांक-2 सीधी में जिला शिक्षा अधिकारी पवन कुमार सिंह, सहायक संचालक ओशो उत्सव, अतिरिक्त परियोजना समन्वयक प्रवीण शुक्ल, सहायक परियोजना समन्वयक डा सुजीत कुमार मिश्र सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा विद्यार्थियों का स्वागत किया गया।

 

विजिट से लौटे सभी विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह एवं संतोष की झलक स्पष्ट दिखाई दी। विद्यार्थियों ने क्रमवार अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस भ्रमण ने उनके ज्ञान, दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास में वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में प्राप्त अनुभवों, सूचना एवं तकनीकी ज्ञान को वे अपने विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के साथ भी साझा करेंगे, जिससे अधिक छात्र लाभान्वित हो सकें।

 

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विश्वेश्वरैया इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजी म्यूजियम, साइंस म्यूजियम, बेंगलुरु पैलेस, कल्चर एक्सपेरिमेंट गैलरी, टीपू सुल्तान मकबरा, इस्कॉन मंदिर, लालबाग सहित कई ऐतिहासिक एवं ज्ञानवर्धक स्थलों का अवलोकन किया। शिकारी गतिविधियों, वैज्ञानिक मॉडलों एवं प्रयोगों को निकट से देखने का अवसर भी मिला। दो मार्गदर्शी शिक्षक अर्चना पांडे एवं बालेंदु शेखर दुबे भी दल के साथ रहे।

 

विद्यार्थियों ने अपनी यात्रा डायरी जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत की। डीईओ पवन कुमार सिंह ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि ज्ञान केवल भ्रमण तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यालय एवं समाज में प्रसारित हो ताकि अधिक बच्चे प्रेरित हों। सहायक संचालक ने भी इस सीख को जीवन में व्यवहारिक रूप से लागू करने की बात कही।मार्गदर्शी शिक्षक बालेंदु शेखर दुबे ने बताया कि यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अविस्मरणीय रहा, जिससे उन्होंने पुस्तकों में पढ़े विषयों को प्रत्यक्ष रूप में समझा। अनुशासन, तकनीक, संस्कृति एवं जीवन प्रबंधन के कई पहलुओं को निकट से जानने-समझने का अवसर मिला।

 

मार्गदर्शी शिक्षिका अर्चना पांडेय ने बताया कि मार्गदर्शी शिक्षिका के रूप में इस महत्वपूर्ण बेंगलुरु शैक्षणिक भ्रमण का दायित्व निभाने और सफलतापूर्वक सम्पन्न होने से, बहुत खुश हूं। बच्चों के चेहरों पर उत्साह, जिज्ञासा और सीखने की चमक देखकर मन सचमुच गद्गद हो उठा। पूरी यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन, सहयोग और जिम्मेदारी का उत्कृष्ट परिचय दिया। जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन मिलता रहा। बच्चों की सुरक्षा, सीख, अनुभव, प्रेरणा और आनंद से भरी हुई यात्रा रही, इन सबको संतुलित रखते हुए यह टूर एक सुखद अनुभव बन गया।

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