सीधी पुलिस की बड़ी सफलता: ₹30,000/- के ईनामी दुर्दांत हत्यारोपी को महाराष्ट्र के नाशिक से दबोचा

IGP रीवा जोन द्वारा घोषित ईनामी, 3 वर्ष से फरार अपराधी पर 302 IPC का मामला
सीधी पुलिस ने जघन्य अपराधों के प्रति अपनी कठोर नीति पर कायम रहते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं एसडीओपी चुरहट आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में, थाना रामपुर नैकिन के प्रभारी निरीक्षक सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 3 वर्ष से लगातार फरार चल रहे दुर्दांत अपराधी को महाराष्ट्र के नाशिक से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सीधी पुलिस के संकल्प और तकनीकी दक्षता को सिद्ध करती है।
*मामले का घटनाक्रम और कानूनी प्रगति:*
यह मामला 27 अगस्त 2022 को हुई मारपीट की घटना से संबंधित है, जिसमें आरोपी अतिबल कोल और एक अन्य ने पुरानी रंजिश के चलते अरुण कुमार पाण्डेय को टांगी से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। विवेचना के दौरान मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में धारा 326 IPC का इजाफा किया गया। घायल अरुण कुमार पाण्डेय की दुःखद मृत्यु 25 मई 2024 को हो गई, जिसके बाद प्रकरण में सबसे गंभीर धारा 302 IPC (हत्या) का इजाफा किया गया।
आरोपी अतिबल कोल घटना के बाद से ही फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने हेतु पुलिस महानिरीक्षक महोदय, रीवा जोन द्वारा ₹30,000/- का नकद ईनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिलने पर, 28 नवंबर 2025 को फरार आरोपी अतिबल कोल (उम्र 33 वर्ष) को सिन्नर, नाशिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार कर थाना लाया गया।
*संपूर्ण कार्यवाही में*
थाना प्रभारी रामपुर नैकिन निरी. सुधांशु तिवारी, चौकी प्रभारी पिपराँव उनि. शेषमणि मिश्रा, आरक्षक महेंद्र तिवारी, आरक्षक सचिन कुमार, सैनिक शशिशेखर उपाध्याय, तथा सायबर सेल सीधी से आरक्षक कृष्णमुरारी द्विवेदी की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।