मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के सहयोग से संचालित नवांकुर संस्थाओं द्वारा जनजाति गौरव दिवस पर बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई

रिपोर्टर सोहन श्याम बजाग डिंडौरी
जिला डिंडोरी जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर आज जनसमुदाय में जनजाति गौरव दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के सहयोग से नवांकुर संस्था—जनजीवन कल्याण समिति, बिछिया सरहरी माल द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बिरसा मुंडा के चित्र पर तिलक एवं पुष्पमाला अर्पित कर की गई। उपस्थित जनों ने उनके स्वतंत्रता संघर्ष में किए गए योगदान को स्मरण किया और आदिवासी समाज में जागृति लाने की उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में जन अभियान परिषद से जिला समन्वयक धर्मेंद्र चौहान और विकासखंड समन्वयक गणेश राजपूत ने बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और उनके आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। जिला समन्वयक धर्मेंद्र चौहान ने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा ने अपने अल्प जीवन में जनजातीय समाज के हक और स्वाभिमान के लिए जो लड़ाई लड़ी, वह आज भी प्रेरणास्रोत है।बिरसा मुंडा केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधारक भी थे।
उन्होंने—
आदिवासियों को शराब, कुरीतियों और आपसी वैमनस्यता से दूर रहने का संदेश दिया।
नए मूल्य स्थापित किए—एकता, अनुशासन और आत्मसम्मान।
आदिवासी समाज में शिक्षा, स्वच्छता और संगठन की महत्ता समझाई।
उनकी उपस्थिति ने मुंडा समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरे जनजातीय समाज में एक नई जागृति पैदा की।
कार्यक्रम में नवांकुर संस्था से अजय ठाकुर, एम एस डब्लू छात्रा रितु सेन,ज्योति श्रीवास्तव, आशा श्रीवास्तव, तथा अंबिका परस्ते उपस्थित रहे। सभी ने अपने वक्तव्य में जनजातीय नायकों के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जन अभियान परिषद द्वारा जनजाति गौरव दिवस को लेकर अन्य सेक्टरों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। सेक्टर क्रमांक 2 में गौरीशंकर बर्मन की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय नागरिकों ने बिरसा मुंडा के आदर्शों का स्मरण किया।