SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस पर बरसे भाजपा जिलाध्यक्ष, राहुल गांधी से पूछे पांच सवाल

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चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर भाजपा ने किया पलटवार, कहा- संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करना उचित नहीं

 

डिंडौरी, 28 सितंबर 2026। भारतीय जनता पार्टी जिला डिंडौरी के अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने सोमवार को जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग, मतदाता सूची और Special Intensive Revision (SIR) को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।

 

चमरू सिंह नेताम ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को चुनाव आयोग तथा मतदाता सूची को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की राजनीति से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने SIR को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और 26 सितंबर को हुई बैठक में तीनों चुनाव आयुक्तों की ओर से कहा गया कि SIR से संबंधित निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

 

मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आरोप लगाने पर उठाए सवाल

 

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा जिस मीडिया रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग और SIR को लेकर सवाल उठाए गए, उसके बाद चुनाव आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पूरी जांच की जानी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

 

Form-6 को लेकर भी कांग्रेस से मांगा जवाब

 

चमरू सिंह नेताम ने Form-6 से जुड़े मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संबंध में भी चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि जब न्यायिक प्रक्रिया और चुनाव आयोग की ओर से स्पष्टीकरण सामने आ चुका है, तो राजनीतिक आरोपों के बजाय तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान क्यों नहीं किया जा रहा है।

 

सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के निर्णय में बिहार SIR से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रश्नों पर सुनवाई हुई थी।

 

कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे पत्र पर भी दी सफाई

 

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे गए एक पत्र को भी SIR और चुनाव प्रक्रिया से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। उनके अनुसार चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उक्त पत्र SIR नीति से संबंधित न होकर एक अधिकारी से जुड़े आंतरिक प्रशासनिक विषय से संबंधित था।

 

उन्होंने कहा कि किसी प्रशासनिक विषय को चुनावी प्रक्रिया से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।

 

ECINET की पारदर्शिता पर भी चर्चा

 

पत्रकार वार्ता में ECINET सिस्टम को लेकर उठाए जा रहे सवालों का भी उल्लेख किया गया। नेताम ने कहा कि चुनावी तकनीकी व्यवस्था की सुरक्षा और नियमों के अनुपालन को लेकर विशेषज्ञ स्तर पर जांच और प्रक्रियाएं मौजूद हैं।

 

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश की संवैधानिक संस्था है और उसके कामकाज को लेकर जनता के बीच तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना आवश्यक है।

 

कांग्रेस से पूछे पांच सवाल

 

भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी से पांच सवाल भी पूछे—

 

पहला सवाल: जब चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं, तो राहुल गांधी अपने आरोपों पर अब भी क्यों कायम हैं?

 

दूसरा सवाल: जब Form-6 से जुड़े मुद्दे पर न्यायिक निर्णय सामने है, तो क्या राहुल गांधी देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के निर्णय को स्वीकार करते हैं?

 

तीसरा सवाल: क्या किसी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाना उचित है?

 

चौथा सवाल: क्या कांग्रेस चुनाव आयोग सहित देश की संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास करती है?

 

पांचवां सवाल: यदि चुनाव आयोग ने तथ्यों के साथ अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है, तो क्या राहुल गांधी अपने पहले लगाए गए आरोपों पर पुनर्विचार करेंगे?

 

चुनावी हार के विश्लेषण की दी नसीहत

 

नेताम ने कहा कि कांग्रेस को चुनावी परिणामों और अपनी राजनीतिक स्थिति का भी आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित विभिन्न राज्यों में कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनावी राजनीति में जनता के बीच जाकर काम और नीतियों के आधार पर जनसमर्थन हासिल करना जरूरी है।

 

उन्होंने कहा कि चुनाव जनता के बीच सेवा, संगठन और नीतियों के आधार पर जीते जाते हैं। किसी संवैधानिक संस्था पर बिना पर्याप्त तथ्यों के आरोप लगाकर जनता के मन में अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है।

 

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग ने SIR को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। अब कांग्रेस और राहुल गांधी को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों के संबंध में अपना रुख क्या रखते हैं।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राज साहू सहित पार्टी पदाधिकारी एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

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