भावांतर योजना में बदलाव की मांग: छोटे किसानों को मिले लाभ

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संवाददाता- निलेश कलसकर जिला ब्युरो चिफ जिला पांढुरना

 

पांढुरना – मध्य प्रदेश सरकार की भावांतर योजना का उद्देश्य किसानों को बाजार में फसल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाना है, लेकिन छोटे किसानों का कहना है कि उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि योजना के नियम और शर्तें जटिल होने के कारण वे इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

 

क्या है मांग

 

छोटे किसानों की मांग है कि भावांतर योजना में बदलाव किया जाए ताकि हर एक किसान इसका लाभ उठा सके। उनका कहना है कि फसल की गणना के लिए सर्वे किया जाए और फसल निकलने से पहले ही किसानों के खातों में राशि अंतरित कर दी जाए। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी होगी और उन्हें सही दाम मिलेगा।

 

क्यों जरूरी है बदलाव

 

भावांतर योजना के तहत किसानों को घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बाजार मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई की जाती है, लेकिन छोटे किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसका मुख्य कारण है योजना के नियम और शर्तें जटिल होना और फसल की गणना में देरी होना। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी होती है और उन्हें सही दाम नहीं मिल पाता है।

 

सरकार से अपील

 

किसानों ने सरकार से अपील की है कि वह भावांतर योजना में बदलाव करे और इसे और अधिक प्रभावी बनाए। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि वे अपने परिवार का पालन-पोषण भी कर सकेंगे। सरकार को चाहिए कि वह किसानों की मांगों को सुने और योजना में आवश्यक बदलाव करे।

 

क्या होगा लाभ

 

यदि सरकार किसानों की मांगों को सुनती है और भावांतर योजना में बदलाव करती है, तो इससे छोटे किसानों को बहुत लाभ होगा। वे अपनी फसल स्वतंत्र रूप से बेच पाएंगे और उन्हें सही दाम मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इससे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी और वे अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर पाएंगे।

 

किसानों की उम्मीदें

 

किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों को सुनेगी और भावांतर योजना में बदलाव करेगी। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी समस्याओं को समझे और उन्हें न्याय दिलाए। किसानों को विश्वास है कि सरकार उनकी बात सुनेगी और उनकी स्थिति में सुधार करेगी।

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