गरीबों की आवाज़ उठी सीधी में — सिविल सर्जन डॉ. खरे के चेहरे पर पोती गई कालिख, निजी क्लिनिक पर ज्यादा ध्यान देने का आरोप

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सीधी।

आज सीधी जिले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडेय ने सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. खरे के चेहरे पर कालिख पोतकर विरोध जताया। विवेक पांडेय का कहना है कि डॉ. खरे और जिले के कई डॉक्टर सरकारी अस्पतालों को नजरअंदाज कर अपनी निजी क्लिनिकों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जिसके चलते गरीब मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है।

जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह जिला अस्पताल में दो से तीन मरीज की मौत उपचार में लापरवाही के कारण हो गई थी। गुस्साए परिजनों ने शव को चौराहे पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिससे कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि “यदि डॉक्टर समय पर ध्यान देते, तो जान बच सकती थी।”

 

विवेक पांडेय ने कहा कि “डॉक्टरों के चलते कई गरीब परिवारों की ज़िंदगियाँ अंधेरे में जा रही हैं। जनता की आवाज़ उठाना अब जरूरी था।”

 

बताया जा रहा है कि डॉ. खरे की दो निजी क्लिनिकें जिले में संचालित हैं। बावजूद इसके, उन पर सरकारी दायित्वों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि भी इस लापरवाही पर मौन हैं, जिससे जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

 

अब सवाल यह उठता है — क्या यह विरोध जनता की आवाज़ था, या व्यवस्था पर करारा तमाचा?

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