लाठी मारकर हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास एवं 2000 रूपये अर्थदण्ड

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न्यायालय ओमप्रकाश रजक अपर सत्र न्यायाधीश पाटन, जिला जबलपुर के द्वारा चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज सत्र प्रकरण क्र. 597/2023 थाना पाटन के अपराध क्रमांक 628/2023 में अभियुक्त धर्मेन्द्र गौंड पिता स्व. अमान गौंड, उम्र- 33 वर्ष, निवासी- ग्राम रमपुरा, थाना पाटन जिला जबलपुर को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 2000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

 

 

अभियोग पत्र अनुसार मामला इस प्रकार है कि दिनांक 30.09.2023 को शाम करीब 16:00 बजे, ग्राम रमपुरा, आरक्षी केन्द्र पाटन, जिला जबलपुर के अंतर्गत मृतक डाल सिंह और उसका पुत्र योगेन्द्र, पुत्र शिवम और मृतक डाल सिंह के बड़े भाई प्रीतम का पुत्र अर्थात मृतक का भतीजा देवेन्द्र, अपने खेत में नलकूप में मोटर डालने गये थे। उक्त खेत में मृतक का पुत्र योगेन्द्र, मृतक से कुछ दूरी पर पाइप बिछा रहा था जबकि शिवम और देवेन्द्र, पाइप ढो रहे थे और उस समय मृतक डाल सिंह के खेत से लगे हुए आरोपी के खेत में आरोपी कुछ काम कर रहा था। इसी दौरान मृतक डाल सिंह के खेत में आरोपी ने अपने खेत का कचरा डाल दिया तो डाल सिंह ने आरोपी को खेत में कचरा डालने से मना किया। इसी बात पर आरोपी ने डाल सिंह को मां-बहन की अश्लील गालियां दी और हाथ में ली हुई लाठी से डाल सिंह को मारा जिससे उसे पीठ, सिर, बायीं आंख के पास और कान में चोट आयी। उक्त घटना में योगेन्द्र, शिवम और देवेन्द्र बीच-बचाव करने के लिए दौड़े तो आरोपी ने भागते हुए धमकी दी कि यदि विवाद किया तो वह योगेन्द्र को जान से मार देगा।

 

अभियोजन के अनुसार मारपीट की उक्त घटना के बाद दिनांक 30.09.2023 को ही आहत डाल सिंह को इलाज हेतु योगेन्द्र, शिवम और देवेन्द्र सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाटन लाये, जहां चिकित्सक ने डाल सिंह को आगे इलाज हेतु नेताजी सुभाषचंद मेडिकल कॉलेज जबलपुर रिफर कर दिया। दिनांक 30.09.2023 की रात्रि में ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में डाल सिंह को इलाज हेतु भर्ती किया गया। दिनांक 01.10.2023 को डाल सिंह आकस्मिक ऑपरेशन किया गया और ऑपरेशन के उपरांत आहत डाल सिंह को उपचार हेतु आई.सी.यू. में वेंटीलेटर पर रखा गया।

 

अभियोजन के अनुसार मारपीट की उक्त घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट योगेन्द्र ने आरक्षी केन्द्र पाटन में दिनांक 02.10.2023 को लेख करायी और विलम्ब से प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख कराने का यह कारण बताया कि मारपीट के बाद वह अपने पिता डाल सिंह को पाटन अस्पताल लाया था जहां से चिकित्सक ने डाल सिंह को इलाज हेतु नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर रिफर किया जहां डाल सिंह का इलाज चल रहा है और चूंकि वह अर्थात् योगेन्द्र अपने पिता डाल सिंह के इलाज में व्यस्त था इसलिए वह दिनांक 02.10.2023 को प्रथम सूचना रिपोर्ट लिखाने आया है। योगेन्द्र द्वारा लेख करायी गई प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर आरक्षी केन्द्र पाटन में आरोपी धर्मेन्द्र के विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान, 1860 की धारा 294, धारा 323, धारा 324, धारा 506 भाग-02 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध कारित किये जाने के संबंध में अपराध कमांक 628/2023 पंजीबद्ध किया गया।

 

अभियोजन के अनुसार मेडिकल कॉलेज जबलपुर में इलाज के दौरान दिनांक 07.10.2023 को डाल सिंह की मृत्यु हो गई। तब डाल सिंह की मृत्यु होने की होने के संबंध में चिकित्सक द्वारा दी गई लिखित जानकारी, मेडिकल कॉलेज जबलपुर के वार्ड बॉय कृष्ण कुमार द्वारा मेडिकल पुलिस चौकी गढ़ा में प्रस्तुत की गई, तब मेडिकल पुलिस चौकी गढ़ा में आकस्मिक एवं अकाल मृत्यु की मर्ग सूचना 0/853/23 लेख की गई। मर्ग जांच के अनुक्रम में आरक्षी केन्द्र गढ़ा में पदस्थ प्रधान आरक्षक रामकृष्ण, मेडिकल कॉलेज जबलपुर पहुंचे जहां उन्होंने मृतक डाल सिंह के शव के नक्शा पंचायतनामा की कार्यवाही के लिए साक्षीगण को सूचना पत्र जारी किया और साक्षीगण के समक्ष मृतक डाल सिंह के शव का नक्शा पंचायतनामा बनाया।

 

*मृतक की मृत्यु का वास्तविक कारण ज्ञात करने के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर में मृतक डाल सिंह के शव का परीक्षण कराया गया तब संबंधित चिकित्सक ने शव परीक्षण प्रतिवेदन जारी किया और मृतक की मृत्यु का कारण मृतक के सिर में मृत्यु पूर्व आयी उपहति और उससे उत्पन्न जटिलताओं के कारण होने का अभिमत दिया।* प्रकरण में आरोपी के विरूद्ध धारा 302 भादवि का इजाफा किया गया। दौरान विवेचना अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण की विवेचना पाटन थाना प्रभारी निरीक्षक श्री नवल आर्य के द्वारा की गई। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। उपनिदेशक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उइके के मार्गदर्शन में अभियोजन की ओर से श्री संदीप जैन विशेष लोक अभियोजक के द्वारा मामले में सशक्त पैरवी करते हुये कुल 10 अभियोजन साक्षियो को परीक्षित कराया गया।

 

*श्री संदीप जैन विशेष लोक अभियोजक के तर्को से सहमत होते हुए न्यायालय श्रीमान ओमप्रकाश रजक अपर सत्र न्यायाधीश पाटन, जिला जबलपुर के द्वारा अभियुक्त को को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 2000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।*

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