नाबालिक गुमशुदा मामलों में सीधी पुलिस की दो बड़ी सफलताएं — एक बालिका 8 घंटे में कटनी से, दूसरी किशोरी गुजरात के राजकोट से सकुशल बरामद

सीधी। पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी के कुशल निर्देशन में सीधी पुलिस ने नाबालिक गुमशुदा मामलों में दो प्रभावी कार्यवाहियाँ की हैं। अलग-अलग थानों की टीमों ने त्वरित एवं सतत प्रयासों से एक बालिका को 8 घंटे के भीतर कटनी रेलवे स्टेशन से तथा दूसरी किशोरी को गुजरात के राजकोट से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है। यह सफलता पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और अधिकारियों की समर्पित कार्यशैली का परिणाम मानी जा रही है।
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📍 पहला मामला – पोंड़ी पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 8 घंटे में बालिका बरामद
थाना कुसमी के अंतर्गत चौकी पोंड़ी पुलिस ने निरीक्षक अरुणा द्विवेदी के नेतृत्व में गुमशुदगी दर्ज होने के मात्र 8 घंटे के भीतर बालिका को कटनी रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सुपुर्द किया।
घटना का विवरण:
एक परिजन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिक बेटी स्कूल से घर नहीं लौटी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीम गठित की गई और तकनीकी व मानव स्रोतों की मदद से खोजबीन प्रारंभ की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिका को सकुशल पाया।
पूछताछ में सामने आया कारण:
बालिका ने बताया कि वह घर में डांट के कारण नौकरी की तलाश में घर से निकल गई थी।
सराहनीय योगदान:
सहायक उप निरीक्षक डी.के. रावत
प्रधान आरक्षक वीरेंद्र रावत
आरक्षक अभिषेक मिश्रा
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📍 दूसरा मामला – मझौली पुलिस की बड़ी सफलता: डेढ़ माह बाद राजकोट से किशोरी बरामद
थाना मझौली क्षेत्र में करीब डेढ़ माह पूर्व दर्ज गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने अथक प्रयास कर किशोरी को गुजरात के राजकोट से सकुशल बरामद किया।
कार्रवाई का विवरण:
थाना प्रभारी उप निरीक्षक विशाल शर्मा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सतत खोजबीन के बाद किशोरी का पता लगाया। टीम उसे राजकोट से लेकर सीधी पहुँची, जहाँ वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उसे परिजनों को सौंपा गया।
उल्लेखनीय योगदान:
थाना प्रभारी उप निरीक्षक विशाल शर्मा
उप निरीक्षक पी.एल. टांडिया
प्रधान आरक्षक नितेश प्रजापति, राजकुमारी सिंह
आरक्षक आशुतोष मिश्रा, भैयालाल सिंह
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👮♂️ पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई बनी मिसाल
सीधी पुलिस की इन दोनों सफल कार्यवाहियों ने यह साबित कर दिया है कि जिला पुलिस गुमशुदा नाबालिकों की खोज को लेकर कितनी संवेदनशील और तत्पर है।
पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी ने दोनों टीमों की सराहना करते हुए कहा कि—
“नाबालिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के माध्यम से भविष्य में भी इसी प्रकार सफलता हासिल की जाएगी।”