भाजपा जिला अध्यक्ष पर बसपा नेता के गंभीर आरोप — बोले, “भाजपा अध्यक्ष के ड्राइवर का वेतन जिला अस्पताल से निकल रहा है”

रविवार को अंबेडकर पार्क में बसपा नेता ने सबूतों के साथ किया खुलासा, भाजपा नेताओं ने बताया निराधार
श्योपुर।
श्योपुर की स्थानीय राजनीति में रविवार को नया राजनीतिक विवाद तब खड़ा हो गया जब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व जिला अध्यक्ष मिश्रलाल बैरवा ने भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि भाजपा जिला अध्यक्ष के वाहन चालक अंकित शर्मा का वेतन जिला अस्पताल (सिविल सर्जन कार्यालय) से निकाला जा रहा है, जबकि वह भाजपा जिला अध्यक्ष की गाड़ी पर निजी चालक के रूप में कार्यरत है।
बसपा नेता के इन आरोपों ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का माहौल बना दिया है।
बसपा नेता का दावा — “भ्रष्टाचार के सबूत मेरे पास, कार्रवाई होनी चाहिए”
रविवार शाम को पाली रोड स्थित अंबेडकर पार्क में आयोजित प्रेस वार्ता में मिश्रलाल बैरवा ने पत्रकारों के सामने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कहा कि —
“भाजपा जिला अध्यक्ष ने स्वयं स्वीकार किया है कि अंकित शर्मा उनका भतीजा है और उनका सोशल मीडिया एकाउंट संभालता है। अगर वह निजी रूप से कार्य कर रहा है, तो उसकी तनख्वाह जिला चिकित्सालय से क्यों निकाली जा रही है?”
बैरवा ने इसे “पद के दुरुपयोग और प्रशासनिक मिलीभगत से जुड़ा गंभीर मामला” बताते हुए कहा कि ऐसे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा —
“जब भाजपा जिला अध्यक्ष यह कहते हैं कि अंकित शर्मा मेरा भतीजा है, तो उसका वेतन उन्हें स्वयं देना चाहिए। सरकारी विभाग से वेतन निकालना जनता के धन का दुरुपयोग है।”
बैरवा ने यह भी कहा कि ऐसे कई अन्य प्रकरण उनके पास हैं जिन्हें वह समय-समय पर उजागर करते रहेंगे।
भाजपा नेताओं ने आरोपों को बताया निराधार
बसपा नेता के आरोपों पर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
भाजपा नेताओं का कहना है कि यह मामला पूरी तरह निराधार और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।
भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण ने एक स्थानीय दैनिक को दिए बयान में स्पष्ट किया कि —
“अंकित शर्मा मेरा भतीजा है और वह मेरा सोशल मीडिया एकाउंट संभालता है। बसपा नेता के लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।”
उन्होंने कहा कि यह बसपा नेता की राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश है, जिसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद, पहुंचा आमने-सामने की बहस तक
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बसपा नेता मिश्रलाल बैरवा ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष पर यह आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं और अन्य नागरिकों ने उनसे सबूत प्रस्तुत करने की मांग की, जिसके बाद शनिवार को बैरवा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वे “रविवार को शाम 5 बजे सबूतों के साथ खुलासा करेंगे।”
निर्धारित समय पर वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित हुए और दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए अपने आरोप दोहराए।
राजनीतिक माहौल में गरमी, प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नज़र
बसपा नेता के इन आरोपों के बाद श्योपुर की राजनीति में हलचल मच गई है।
जहां भाजपा कार्यकर्ता इस आरोप को “राजनीतिक ड्रामा” बता रहे हैं, वहीं बसपा समर्थक इसे “भ्रष्टाचार के खिलाफ सच की आवाज़” करार दे रहे हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को लेकर क्या कदम उठाता है और क्या वाकई बसपा नेता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जाती है या नहीं। श्योपुर से संवाददाता गांधी दर्शन की रिपोर्ट