नर्मदे हर-जीवन भर : शंकर घाट में “मैया अभियान” के तहत स्वच्छता सेवा

रिपोर्टर – सोहन श्याम, बजाग (डिंडौरी)
माँ नर्मदा के चरणों में समर्पित “मैया अभियान” के अंतर्गत रविवार प्रातः शंकर घाट (पुल के समीप) पर सेवादारों ने स्वच्छता सेवा करते हुए घाट परिसर को स्वच्छ और निर्मल बनाने का संकल्प लिया।
विदित हो कि शंकर घाट बस स्टैंड के पास होने के कारण यहाँ श्रद्धालुजन सुबह से शाम तक आस्था की डुबकी लगाते हैं, जिसके चलते घाट क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। विशेष रूप से अम्बेडकर बस्ती एवं अस्पताल के नाले सीधे नर्मदा नदी में गिरने से नदी का जल दूषित हो रहा है।
मैया अभियान के सेवादारों ने झाड़ू, फावड़ा, तसला और गेती की सहायता से घाटों में फैली प्लास्टिक, पन्नियाँ, दूषित कपड़े, काँच की बोतलें और डायपर एकत्र किए। इस दौरान करीब एक ट्रैक्टर भर प्रदूषित सामग्री को हटाया गया।
सेवादारों ने नगरवासियों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे कम से कम सप्ताह में एक दिन माँ नर्मदा की सेवा हेतु एकजुट होकर स्वच्छता कार्य में सहभागी बनें। यही माँ नर्मदा की सच्ची सेवा है।
नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक से डिंडौरी को प्रथम नगर का दर्जा प्राप्त है, अतः यह जिलेवासियों का परम कर्तव्य है कि नर्मदा जल की निर्मलता बनाए रखें और घाटों को स्वच्छ रखें।
इस अवसर पर बाल सेवादार विवान प्रधान, संस्कार परस्ते, माही बरोतिया, यथार्थ यादव, डॉ. संतोष परस्ते (आयुष अधिकारी), आर.पी. कुशवाहा (नेहरू युवा केंद्र), शिक्षक जितेन्द्र दीक्षित, प्राचार्य शाहिद खान, पशु चिकित्सक गणेश गवले, आशीष श्रीवास्त्री, भागवत यादव, जगदीश सिंह सैयाम, महारन सिंह परमार, अमर सिंह परमार, विजय रजक, तथा महेन्द्र सिंह उचेहरा उपस्थित रहे। सभी ने माँ नर्मदा को समर्पित होकर नियमित स्वच्छता सेवा का संकल्प लिया।