जनता के बीच रहने का जज़्बा: कलेक्टर बैनल ने तोड़ी 15 साल की परंपरा

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ब्यूरो रिपोर्ट प्राइड इंडिया न्यूज़ सिंगरौली (मध्य प्रदेश)

 

सिंगरौली जिले में अपनी तेज़ प्रशासनिक कार्यशैली और फैसलों के लिए चर्चित कलेक्टर गौरव बैनल ने इस बार ऐसा कदम उठाया, जिसने जनता के दिलों में उनके प्रति सम्मान को और गहरा कर दिया। अब तक जिला स्तरीय अधिकारियों को एनटीपीसी विंध्याचल के उच्च सुरक्षा युक्त परिसर में आवास मिलता आया था, जहाँ जनता की पहुंच लगभग नामुमकिन थी। लेकिन कलेक्टर बैनल ने यह मानते हुए कि “कलेक्टर का घर जनता से दूर नहीं, जनता के बीच होना चाहिए,” एनटीपीसी के आलीशान आवास को ठुकरा दिया।

 

कलेक्टर गौरव बैनल ने साहसिक निर्णय लेते हुए बैढ़न स्थित जिला मुख्यालय पर बने सरकारी कलेक्टर आवास में सपरिवार रहने का फैसला किया। यह निर्णय किसी आदेश का परिणाम नहीं, बल्कि जनता से सीधे जुड़ने की उनकी सहज सोच का प्रतीक है। वर्षों पुरानी सुविधाजनक परंपरा को तोड़कर उन्होंने साफ संदेश दिया कि सुरक्षात्मक घेरों में रहकर जनता की समस्याओं को पूरी संवेदना से समझा नहीं जा सकता।

 

बैनल का यह कदम प्रशासन में मानवीयता की नई बयार लेकर आया है। यह सिर्फ आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि सोच में बदलाव का उदाहरण है—जहाँ सत्ता का अहंकार नहीं, बल्कि संवेदना और संवाद को महत्व दिया गया। सिंगरौली में अब यह कहा जा रहा है कि कलेक्टर बैनल ने दिखा दिया कि असली शक्ति पद में नहीं, बल्कि जनता के बीच रहकर उनकी धड़कन को समझने की नीयत में होती है।

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