सिंगरौली, खंडवा, रायसेन और देवास की महिलाओं ने किया कमाल, पार किया लक्ष्य
15 हजार 377 महिलाओं को स्वीकृति, अब तक 30 लाख से अधिक फलदार पौधों का होगा रोपण
सिंगरौली, 10 सितम्बर 2025।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ मां के नाम अभियान 2.0” से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में “एक बगिया मां के नाम” परियोजना की शुरुआत की है। यह योजना मनरेगा के तहत चलाई जा रही है, जिसके जरिए स्व-सहायता समूह की महिलाओं की निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
लक्ष्य से आगे निकलीं महिलाएं
परियोजना का लक्ष्य 31 हजार 300 महिलाओं तक पहुंचना है। 10 सितम्बर 2025 की स्थिति में अब तक 15 हजार 377 महिलाओं को बगिया लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। खास बात यह है कि सिंगरौली, खंडवा, रायसेन और देवास जिलों की महिलाओं ने निर्धारित लक्ष्य को पार कर दिया है।
- सिंगरौली : लक्ष्य 300, स्वीकृति 571
- खंडवा : लक्ष्य 700, स्वीकृति 1187
- रायसेन : लक्ष्य 700, स्वीकृति 1178
- देवास : लक्ष्य 600, स्वीकृति 751
क्या मिल रहा लाभ
परियोजना अंतर्गत महिलाओं की निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाने के साथ ही उनकी सुरक्षा हेतु कटीले तार की फेंसिंग, पौधे खरीदने, खाद, गड्ढे खोदने और सिंचाई हेतु 50 हजार लीटर की क्षमता वाला जलकुंड बनाने के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
ड्रोन व सॉफ्टवेयर से निगरानी
फलोद्यान लगाने के काम की मॉनिटरिंग मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक डेव्हलेपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रोन से की जाएगी। इसके अलावा, पहली बार प्रदेश में पौधरोपण कार्य सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जा रहा है। इससे यह तय होगा कि किस जमीन पर कौन सा पौधा और किस समय लगाना उपयुक्त होगा।
पुरस्कार व प्रोत्साहन
परियोजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम 3 जिले, 10 जनपद पंचायत और 25 ग्राम पंचायत को पुरस्कार दिए जाएंगे। निगरानी के लिए अलग से डैशबोर्ड भी बनाया गया है, जिसके जरिए रोजाना की प्रगति की जानकारी ली जा रही है।

क्रियान्वयन में आगे जिले व ब्लॉक
10 सितम्बर की स्थिति में क्रियान्वयन में आगे रहने वाले जिले हैं – सिंगरौली, खंडवा, रायसेन, देवास, छिंदवाड़ा, आगर मालवा, बैतूल, खरगोन, सागर और बड़वानी। वहीं टॉप ब्लॉक में चितरंगी, खंडवा, पंधाना, खालवा, बैढ़न, छैगांव माखन, पुनासा, देवसर, हरसूद और मुलताई शामिल हैं।