नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को
नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को

प्रधान जिला न्यायाधीश ने प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
सीधी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी श्री प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में दिनांक 13 सितंबर 2025 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत जिला न्यायालय परिसर सीधी सहित तहसील मुख्यालय चुरहट, मझौली एवं रामपुर नैकिन में आयोजित होगी।
नेशनल लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु आज (10 सितंबर) जिला न्यायालय सीधी से प्रचार रथ को प्रधान जिला न्यायाधीश श्री दिनकर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रचार वाहन आमजन को लोक अदालत की तिथि, महत्व एवं लाभों के बारे में जागरूक करेगा।
न्यायाधीशगण एवं अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश श्री यतीन्द्र कुमार गुरू, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री दीपक शर्मा, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव, प्रथम जिला न्यायाधीश श्री राकेश कुमार सोनी, तृतीय जिला न्यायाधीश श्री रवीन्द्र कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुश्री उर्मिला यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मुकेश कुमार शिवहरे, प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री सुनीता रावत, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सोनू जैन, श्री मृदुल लटौरिया, श्री अभिषेक साहू तथा जिला विधिक सहायता अधिकारी सहित विद्युत विभाग व नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक एवं निर्देश
प्रचार रथ के शुभारंभ उपरांत न्यायाधीशगण की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें 13 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निराकरण पर बल दिया गया। सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि वे आम जनता को लोक अदालत में समझौते के लिए प्रेरित करें, ताकि प्रकरणों का शीघ्र निपटारा संभव हो सके। इसके साथ ही बैंक, विद्युत, बीएसएनएल, नगर निगम, बीमा कंपनियों और अधिवक्ताओं के साथ निरंतर प्री-सिटिंग बैठकें भी की जा रही हैं।
वादों के निपटारे में विशेष छूट
नेशनल लोक अदालत में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निपटारा किया जाएगा। इसमें आपराधिक, सिविल, चेक बाउंस, वैवाहिक, पारिवारिक, विद्युत अधिनियम एवं धन वसूली जैसे मामलों को आपसी सहमति से सुलझाया जाएगा।
विशेष रूप से विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी जाएगी।
प्री-लिटिगेशन स्तर पर: कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि में 30% की छूट तथा ब्याज की राशि पर 100% छूट।
लिटिगेशन स्तर पर: सिविल दायित्व की राशि में 20% की छूट तथा ब्याज की राशि पर 100% छूट।
यह छूट केवल 13 सितंबर 2025 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में समझौता करने पर ही मान्य होगी।
लोक अदालत का महत्व
लोक अदालत में वादों का निपटारा न केवल समयबद्ध और सरल तरीके से होता है, बल्कि पक्षकारों को त्वरित राहत भी मिलती है। यह प्रक्रिया न्याय तक पहुँच को और अधिक सुगम बनाती है।
—प्राइड कदम हिंदी समाचार एवं प्राइड इंडिया न्यूज़, सीधी (मध्य प्रदेश)