*श्रद्धांजलि सभा में सत्ता पक्ष की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल*
*श्रद्धांजलि सभा में सत्ता पक्ष की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल*

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सीधी/सिहावल।
ग्राम खुटेली के वीर सपूत, भारतीय सेना के जवान शहीद मोहम्मद मुस्ताक की श्रद्धांजलि सभा में पूरे क्षेत्र की भावनाएँ उमड़ पड़ीं। गांव से लेकर जिले तक हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और शहीद को नम आंखों से विदाई दी।
लेकिन इस दौरान एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ—सत्ता पक्ष के नेता कहां थे?
कांग्रेस नेता पहुंचे, भाजपा नदारद
श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं वर्तमान कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य कमलेश्वर पटेल पहुंचे और शहीद परिवार को सांत्वना दी। वहीं, दूसरी ओर सत्तारूढ़ भाजपा के स्थानीय नेता, पदाधिकारी और मंडल अध्यक्ष तक भी कार्यक्रम से नदारद रहे।
जनता के बीच सवाल
जब जबलपुर से सेना की बटालियन टीम श्रद्धांजलि देने पहुंच सकती है, तो स्थानीय भाजपा नेता क्यों नहीं आ पाए?
अगर विधायक किसी कारणवश व्यस्त थे तो उनके प्रतिनिधि या मंडल अध्यक्ष को तो उपस्थित होना चाहिए था।
क्या केवल इसलिए चुप्पी साधी गई क्योंकि शहीद मुस्लिम समाज से था?
देशभक्ति पर उठे प्रश्न
जनता का कहना है कि शहीद का कोई धर्म या जाति नहीं होता। उसने देश की सेवा करते हुए बलिदान दिया, और उसका सम्मान हर हाल में राजनीति से ऊपर होना चाहिए।
लोगों का यह भी कहना है कि भाजपा के नेता अक्सर देशभक्ति के नारे लगाते हैं, लेकिन ऐसे मौके पर उनकी गैरमौजूदगी सवालों के घेरे में है।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
लोगों ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि—“नेता सिर्फ फेसबुक पर श्रद्धांजलि संदेश पोस्ट कर रहे हैं, पर जमीन पर पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।”
निष्कर्ष
शहीद मोहम्मद मुस्ताक ने देश के लिए अपनी जान दी। ऐसे में यह किसी पार्टी, समाज या धर्म का विषय नहीं, बल्कि देशभक्ति और सम्मान का सवाल है। सत्ता पक्ष की खामोशी और गैरमौजूदगी ने निश्चित तौर पर जनता के मन में गहरी निराशा और असंतोष पैदा कर दिया है।
प्राइड कदम हिंदी समाचार एवं प्राइड इंडिया न्यूज़ सीधी (मध्य प्रदेश)