सीधी जिले के आदिवासी बाहुल्य भुइमाड़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अचानक मौसम बदला। तेज बारिश के कारण सोनगढ़ क्षेत्र की गोपद नदी उफान पर आ गई

सुबह लगभग 10:00 बजे से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। इसके कारण खर्रा घाट पुल पूरी तरह से जलमग्न हो गया।
यह पुल सीधी और सिंगरौली जिलों के जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है यह करीब 15000 ग्रामीण के लिए जीवन रेखा का काम करता है।
लगातार बहता पानी के कारण पल पर आवा गमन पूरी तरह से बंद हो गया।
इससे दोनों और स्कूली छात्र कर्मचारी ग्रामीण और यंत्री फस गए। लोग मजबूरी में पुल पार करने का जोखिम उठा रहे थे
लेकिन समय रहते भुइमाड़ पुलिस मौके पर पहुंचेगई। सुरक्षा के लिहाज से पॉल को पूरी तरह से सील कर दिया गया।
भूइमाड़ थाना प्रभारी डी डी सिंह ने बताया कि को गोपद नदी का जल स्तर काफी बढ़ चुका है। किसी भी आपरी घटना से बचने के लिए पुलिस बालमन के पर तैनात किया गया है।
लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे तब तक पुल पर ना करें जब तक जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता।
स्थानीय लोगों को कहना है कि यह पुल क्षेत्र की 6 पंचायत के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग है। हर बारिश में इसी तरह की परेशानी होती है।
बच्चों को स्कूल पहुंच से लेकर मरीजों की अस्पताल तक आवा जाही पूरी तरह से ठप हो जाती है।