“श्रम विभाग के अधिकारियों ने किया संस्थानों का औचक निरीक्षण”

“सीधी से विनय त्रिपाठी की रिपोर्ट”
सहायक श्रम पदाधिकारी आकांक्षा पाठक ने जानकारी देकर बताया है कि बाल श्रम अधिनियम के तहत श्रम विभाग और महिला बाल विकास, पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही दिनांक 04.07.2025 को सीधी शहर और सेमरिया के बाजार क्षेत्र के समस्त दुकानों, होटलों, ढाबों और अन्य संस्थानों पर समझाइश कार्यवाही की गई।
कार्यवाही के दौरान संस्थान सहित आम जनमानस को टीम का नेतृत्व कर रही सहायक श्रम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बाल श्रम अधिनियम 1986 के धारा 3 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी कार्य में नियोजित करना या कराना पूर्णतः प्रतिबंधित है। वहीं धारा 3 क के अंतर्गत 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक कार्यों में नियोजित करना कानूनन अपराध है। अधिनियम अंतर्गत दोषी पाए जाने पर 20 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना और 2 साल तक की सजा का प्रावधान है।