सस्ती हो सकती है मध्यप्रदेश में शराब

मध्य प्रदेश(राकेश शर्मा) मध्यप्रदेश में अधिक कीमत पर शराब की बिक्री का मामला अब न्यायिक दरबाजे पर पहुंच गया है। जबलपुर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रदेश में शराब ठेकेदारों द्वारा सिंडीकेट बना कर MRP से अधिक दरों पर शराब बेची जा रही है। और करोड़ों रुपए की प्रतिमाह अवैध कमाई की जा रही है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ द्वारा इस मामले पर राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मागा गया है। और कोर्ट द्वारा यह भी निर्देश दिया गया है कि 1 अप्रैल से 15 जून 2025 के बीच एमआरपी उल्लंघन की गई शिकायतों, छापों और की गई कार्रवाई का ब्योरा हलफनामे के रूप में पेश किया जाए।
याचिकाकर्ता द्वारा तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली सरकार मनमानी करने वाले प्रदेश के सभी विक्रेताओं पर तत्काल कार्रवाई करे। मूल्य निर्धारण नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही ओवर प्राइसिंग रोकने के लिए सर्विलांस सिस्टम लागू हो। जिस पर कोर्ट द्वारा अप्रैल से जून 2025 के बीच की गई छापेमारी और शिकायतों की रिपोर्ट,याचिकाकर्ता द्वारा दी गई शिकायतों पर की गई कार्रवाई , कितनी दुकानों ने MRP का उल्लंघन किया और उन पर क्या दंडात्मक कदम उठाए गए सरकार से जवाब मांगा गया है। मध्यप्रदेश में आबकारी विभाग की निगरानी के बावजूद प्रदेश भर से शराब की ओवर प्राइसिंग की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। यह मामला न सिर्फ उपभोक्ता अधिकारों का हनन है, बल्कि राज्य सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने वाला भी है।