केंद्रीय विद्यालय जमुना कॉलरी में भारतीय भाषा शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न

जमुना कोतमा (नेशनल ब्यूरो चीफ राकेश शर्मा)
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और एनसीईआरटी द्वारा संविधान में सूचीबद्ध भाषाओं को सीखने के लिए शुरू किए गए अभूतपूर्व कार्यक्रम “भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर” का आयोजन केंद्रीय विद्यालय जमुना कॉलरी में भी 10 जून से 16 जून2025 तक किया गया। चयनित भाषा थी पंजाबी। शिविर में विद्यार्थियों ने अत्यंत ऊर्जा, उत्साह और सीखने की उत्सुकता से प्रतिभाग किया। इस शिविर का संचालन दिवस वार थीम जैसे बुनियादी अभिवादन और अभिव्यक्ति, हस्ताक्षर, सामान्य-वार्तालाप, कला (संगीत/नृत्य/चित्रकला), स्थानीय व्यंजनों के नाम, सशस्त्र बलों, स्वतंत्रता सेनानियों, कलाकारों और प्रतिष्ठित लोगों आदि स्थानीय नायकों के बारे में जागरूकता, स्थानीय इतिहास और भूगोल का सामान्य ज्ञान आदि पर आधारित रहा।
16 जून को समापन कार्यक्रम में 9वीं की छात्रा श्रीजा परमार द्वारा पंजाबी भाषा मे लिखित और निर्देशित एक लघु नाटिका पर विद्यार्थियों ने एक शानदार नाट्य मंचन प्रस्तुत किया। जिसका केंद्रीय विषय था- “अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी” कार्यक्रम के समापन में प्राचार्य मनोज कुमार ने विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं संदेश में भाषा शिविर के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि एक से अधिक भाषा सीखने से मस्तिष्क के कार्यों, जैसे स्मृति, ध्यान, समस्या-समाधान और रचनात्मकता को बढ़ावा मिलता है। साथ ही भारत की भाषाई विविधता और विरासत को संरक्षित करने और उनका पुनरुद्धार करने में मदद भी करेगा। समापन कार्यक्रम में एस ई सी एल जमुना- कोतमा क्षेत्र के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सात दिवसीय कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन संगीत शिक्षक शरदेन्दु प्रियदर्शी, खेल शिक्षक हरिकेश्वर सिंह और खेल प्रशिक्षक सरिता सिंह द्वारा किया गया।