15 वर्षों की अपेक्षा के खिलाफ रोजगार सहायकों ने उठाई आवाज सौंपा ज्ञापन

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट
डिंडौरी जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायकों सचिवो,ने अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई है। सोमवार को उन्होंने जनपद पंचायत करंजिया,पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने पंचायतों में व्याप्त प्रशासनिक मनमानी, समय पर मानदेय न मिलने और सेवा समाप्ति की निरंतर दी जाने वाली धमकियों को लेकर गहरी नाराजगी जताई।
रोजगार सहायकों ने बताया कि वे बीते 15 वर्षों से पंचायतों में सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उन पर मनमाना दबाव बनाया जाता है। कभी भी बिना कारण सेवा समाप्ति की धमकी दी जाती है और महीनों तक मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बीते वर्षों में 30 से अधिक ग्राम रोजगार सहायकों की असमय मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके परिजनों को आज तक किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं दी गई है।रोजगार सहायकों ने यह भी बताया कि पूर्व में जिला संवर्ग और ग्रेड पे की मांग को लेकर उन्होंने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई थी। वर्ष 2018 और 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित महापंचायतों में उन्हें सचिव पद पर नियुक्ति के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण देने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन वह अब तक लागू नहीं किया गया है।रोजगार सहायकों ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार सहायक ग्राम रोजगार सहायक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अनिल यादव, मदन नागवंशी, दिनेश पड़वार, संजय पवार खेलन आदि मौजूद रहे और उन्होंने अपनी एकता का परिचय देते हुए शासन से न्याय की गुहार लगाई।