24 घंटे तक लावारिस पड़ा रहा शव, पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर नहीं मिला — भुईमाड़ में तंत्र बेबस
जिला ब्यूरो चीफ सीधी विनय कुमार त्रिपाठी

दिनांक 15.05.2025
सीधी जिले के भुईमाड़ थाना क्षेत्र में एक आदिवासी बुजुर्ग की मौत के बाद स्वास्थ्य और प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी तस्वीर सामने आई है। ग्राम दुधमनिया निवासी प्यारे साकेत (60) की बुधवार सुबह करीब दस बजे मछरकट्टा जंगल में पेड़ से गिरने से मौत हो गई। सूचना पर भुईमाड़ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद कठौतिया मर्चुरी में रखवाया गया।
लेकिन पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में भारी लापरवाही सामने आई। 24 घंटे तक शव मर्चुरी में रखवाया गया, इस दौरान परिजन भूखे-प्यासे रोते-बिलखते रहे। सुबह जब परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए फिर इधर उधर भटकने लगे तो पता चला कि डॉक्टर यहां उपलब्ध नहीं हैं। बाद में पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी कि अब शव को 50 किलोमीटर दूर कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना होगा क्योंकि कठौतिया में डॉक्टर नहीं आ पाएंगे।

मृतक के भाई राजेश साकेत ने सवाल उठाया कि जब कठौतिया में स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है, तो वहां डॉक्टर क्यों नहीं भेजे गए? उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लोग ऐसी घटनाओं से हर महीने जूझते हैं।
सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. खरे ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी, लेकिन मामले की जांच कर दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई की जाएगी और कठौतिया मर्चुरी में जल्द डॉक्टर व्यवस्था बहाल की जाएगी।
वहीं सीएमएचओ डॉ. बबिता खरे ने बताया कि यह मामला हमारे संज्ञान में आते ही शव वाहन भेज कर पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है लेकिन पुलिस द्वारा की जानकारी नहीं मिली है।
भुईमाड़ थाना प्रभारी डीडी सिंह ने बताया कि परिजनों द्वारा मौत की जानकारी देर रात को दी गई थी,जबकि घटना सुबह दस बजे की है जिसके बाद सुबह बीएमओ कुसमी डॉ. अजय प्रजापति को सूचित किया गया है।