ग्राम पंचायत क्षेत्र खैरा के सरपंच सचिव लूट रहे सरकारी खजाना, जनसुनवाई में रोजगार सहायक को हटाने की मांग पर अड़ीं महिलाए

रिपोर्ट-नेशनल ब्यूरो चीफ राकेश शर्मा
सीधी- आम जनता की प्राथमिक समस्याओं के समाधान हेतु ग्राम पंचायत का गठन किया जाता है। बड़े पैमाने पर ग्राम पंचायतों को अधिकार भी प्रदान किए गए हैं। लेकिन ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों की मनमानी की मार आम आदमी बराबर झेलता रहता है। ग्राम पंचायतों के भ्रष्टाचारों की जनसुनवाई में शिकायतें भी सबसे ज्यादा पहुंचती हैं। लेकिन प्रशासनिक अमला कभी गंभीर दिखाई ही नहीं पड़ता।

सीधी जिले की बहरी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत क्षेत्र खैरा- बेलहा से जनसुनवाई में पहुंची बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा सरपंच एवं सचिव के कारनामों की शिकायत की गई। तथा रोजगार सहायक हेमंत सिंह के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कर उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग पर महिलाएं डंटी रहीं।

हमारे संवाददाता से बात करते हुए जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं में से जहाँ विमला रावत ने कहा कि उनकी 7- 8 महीने से मजदूरी भुगतान नहीं की गई है। वहीं बुधनी कोल ने कहा कि 8-9 महीने से 20 घरों की आबादी को कोई काम ही नहीं दिया गया है।तथा सरोज कोल द्वारा बताया गया कि उनका कूपन में नाम ही नहीं जोड़ा जा रहा है।

एक दिव्यांग महिला गुनगुन जो बैठे-बैठे चल रही थीं उनके द्वारा भी बड़े आरोप लगाए गए हैं । इनमें से कुछ महिलाओं की शिकायत है कि उन्हें आवास देने के लिए रोजगार सहायक द्वारा बीस हजार रुपये की मांग की जा रही है। अब देखने वाली बड़ी बात यह होगी की इन पीड़ित महिलाओं की आवाज को न्याय मिल पाता है या फिर कागजों में दफन कर दिया जाता है। प्रस्तुत है सीधी से हमारे नेशनल ब्यूरो चीफ राकेश शर्मा की पूरी रिपोर्ट।