मंडी सचिव एव वर्तमान प्रभारी सचिव भागचंद सिलावट दोनो नही दे रहें है मंडी की व्यवस्थाओं पर ध्यान!







साथ ही वर्तमान प्रभारी सचिव व व्यापारी मिलकर किसानो से काट रहे है तीन सौ ग्राम अनाज!
हमारी टीम द्वारा किए गए मंडी के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मंडी सचिव पूरनलाल राज एवं भागचंद सिलावट वर्तमान प्रभारी सचिव दोनो ने मिलकर मंडी निधि का दुरुपयोग करते हुए अग्निशामक यंत्र,बेरिकेट्स व अन्य सामग्री की खरीदी की गई है। जो मंडी कार्यालय में पड़े हुए धूल खा रहे है एवं अग्निशामक यंत्रों में गैस ही नहीं है। जिन्हे सचिव द्वारा कार्यालय की दीवारों पर शोभा मात्र के लिए लटका दिया गया है गुणबत्ता भी सही नही है ! साथ ही इनके द्वारा पेड़ पौधों के लिए जालियाँ खरीदी गई जो आज भी कृषक विश्राम गृह मे रखी हुई है जिनका कोई उपयोग नही हो रहा है। मंडी सचिव एवं प्रभारी सचिव के द्वारा की गई खरीदी से स्पष्ट भृष्टाचार प्रतीत हो रहा है! जिस मंडी निधि का उपयोग किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं उनके हित व कार्यालयीन व्यवस्थाओं के लिए किया जाना चाहिए उसका उपयोग खुद के फायदे के लिए किया जा रहा है व अपनी जेब भरी जा रही है।
हमारी टीम द्वारा मंडी प्रांगण व कृषक विश्राम गृह का भी निरीक्षण किया गया जिसमें किसी प्रकार की कोई साफ सफाई नहीं है एवं कृषकों को कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। एवं न ही कृषकों के ठहरने हेतु विश्राम गृह खोला जाता है। विश्राम गृह में प्रतिदिन ताला लगा हुआ पाया जाता है। कृषक विश्राम गृह के कमरो मे मंडी का रिकॉर्ड रखा हुआ जिसमे पानी भरा हुआ पाया गया!
एवं न ही अधिकारी कर्मचारी सही समय पर कार्यालय में उपस्थित होते है।
साथ ही मंडी सचिव एवं प्रभारी सचिव की मिलीभगत से कृषकों से तीन सौ ग्राम अवैध अनाज की कटौती व्यापारियों द्वारा की जा रही है जिसपे मंडी अधिकारियों द्वारा व्यापारियों पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। तथा सी एम हेल्प लाइन पर पड़ी शिकायतों का कोई निराकरण नहीं है, न ही कार्यालय में लगे cctv कैमरे चालू है जिससे रात में व्यापारियों से मिलकर बिना टैक्स के गाड़िया निकलवा रहें है । एवं चारों ओर प्रांगण में अतिक्रमण करवा रखा है सचिव एवं प्रभारी सचिव अपने कार्य के प्रति जिम्मेदारी नहीं है। सचिव अवकाश पर होने पर भी कार्यालय में पाए जाते है इनको कृषक हित से बढ़कर अपना हित दिखाई दे रहा है। अवकाश पर होने के बाबजूद भी उपस्थित सचिव व प्रभारी सचिव द्वारा मंडी की व्यवस्थाओ पर कोई भी संतोषजनक जबाब नही दिया गया है!
विदिशा से ब्यूरो चीफ मिट्ठू लाल की रिपोर्ट