मातृभाषा और भारतीय भाषाओं का सम्मान हमारा नैतिक कर्तव्य

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रिपोर्ट-नेशनल ब्यूरो चीफ राकेश शर्मा
जमुना-कोतमा -किसी भी समुदाय या समाज की पहचान उसकी संस्कृति और भाषा से होती है । कोयलांचल के गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थान केंद्रीय विद्यालय SECL जमुना कॉलरी में गत दिनों से भारतीय भाषा उत्सव सप्ताह मनाया जा रहा है । ज्ञात हो कि हर वर्ष 11 दिसंबर को तमिल कवि सुब्रह्मण्यम भारती के जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय भाषा दिवस मनाया जाता है । सुब्रह्मण्यम भारती कवि के अलावा समाजसेवी , स्वतंत्रता सेनानी तथा भारतीय भाषा प्रचारक के रूप में प्रसिद्ध हैं जिन्हें अपनी मातृभाषा के साथ-साथ 32 भाषाओं का ज्ञान था । भारतीय भाषाओं के प्रसार और सम्मान के योगदान हेतु इन्हें भरतियार कवि के रूप में भी जाना जाता है ।अपनी मातृभाषा और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा और सम्मान देने के उद्देश्य से इस दिवस को देश भर में उत्सव की तरह मनाया जा रहा है ।

इसी उपलक्ष्य में केंद्रीय विद्यालय जमुना कॉलरी में छात्रों हेतु भाषण, कविता, पोस्टर, नारा लेखन प्रतियोगिता एवं विभिन्न भारतीय भाषाओं में छात्रों द्वारा नाट्य मंचन का आयोजन किया गया । इसके अतिरिक्त छात्रों द्वारा विभिन्न भारतीय सांस्कृतियों, और भाषा का प्रतिनिधित्व करते हुए सांस्कृतिक वेश-भूषा में अलग-अलग प्रदेशों के खान-पान की प्रदर्शनी भी लगाई गई । विभिन्न कार्यक्रमों के अंतिम दिवस में प्राचार्य मनोज कुमार ने मातृभाषा और भारतीय भाषाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए छात्रों को संबोधित किया । उन्होंने ने बताया कि हम सभी भारतीयों को अपनी मातृभाषा पर गर्व करना चाहिए तथा उसमें पठन, वाचन एवं लेखन में दक्षता प्राप्त करनी चाहिए । चीन, रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, आदि देशों ने अपनी मातृभाषा में दक्षता के ही बल पर सभी क्षेत्रों में पर्याप्त प्रगति की है और आज विकसित देशों की श्रेणी में खड़े हैं । हमें भी सभी भाषाओं का सम्मान करते हुए अपनी भाषा मे दक्ष होकर देश की प्रगति और विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए । वास्तव में यही अपनी मातृभाषा तथा भारतीय भाषाओं का सम्मान होगा । अंत मे राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। समस्त कार्यक्रमों का आयोजन विद्यालय के सी.सी.ए. विभाग द्वारा किया गया जिसमें सभी छात्रों एवं विद्यालय परिवार का सक्रिय योगदान रहा ।

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