दो छात्रों की उपस्थित पर विद्यालय और मध्यान्ह भोजन

मेहमानों पर निर्भर हुई विद्यालय 13 की जगह दो ही छात्र रहते है उपस्थित भगवान भरोसे चल रहा है शिक्षा का संचालन।
एंकर~मध्य प्रदेश की मोहन सरकार भले ही अच्छी शिक्षा की बात क्यों ना करती हो लेकिन यहां सरकार के सारे दावे फेल होते नजर आ रहे हैं सीधी जिले की ऐसी विद्यालय जो शिक्षक विहीन है।
ऐसा हम क्यों कह रहे हैं क्योंकि यहां शिक्षक तो है लेकिन कोई नियमित शिक्षक नहीं।
ग्राम घूघा के इस विद्यालय का संचालक मात्र दो ही मेहमान शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है
बड़ी बात यह है कि इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 13 है विद्यालय में पड़ताल की तो वहां सिर्फ 2 ही छात्रों कि उपस्थिति पाई गई है
ऐसे में समूह संचालक की खूब है बल्ले बल्ले विद्यालय में बच्चों को मध्यान भोजन देने का जिम्मा जी समूह को दिया गया वह समूह संचालक भी भ्रष्टाचार करने में कतई पीछे नहीं है क्योंकि बच्चे सिर्फ दो आते हैं उपस्थित रजिस्टर में दर्ज होती है तेरा छात्रों का अटेंडेंस और खाना 2छात्रों का बनता है
ऐसे में शिक्षक विहीन विद्यालय सरकार के तमाम खोखले दावों में की पोल खोल रही है विद्यालय में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि विद्यालय में नियमित शिक्षक क्यों नहीं है
विद्यालय में पढ़ने वाले सभी 13 छात्र स्कूल क्यों नहीं आते यह एक बड़ा सवाल है
विद्यालय में सिर्फ दो बच्चों का आना अतिथि शिक्षकों पर निर्भर विद्यालय और दो रसोइयों को मुफ्त में पेमेंट देना क्या सरकार के पैसे का दुरुपयोग नहीं है शिक्षकों और रसोइयों को अपने पेमेंट से मतलब है दिन जाए और पैसा आए शायद इसी वजह से आज तक स्कूल जीवंत है
उक्त मामले को लेकर मीडिया ने जब जिला शिक्षा अधिकारी पीएल मिश्रा से जानकारी चाहि तो उन्होंने भी स्कूल की जांच करने की बात कही वही स्कूल में नियमित शिक्षक न होने के सवाल पर वह गोल-माल जवाब देते रहे जिला शिक्षा अधिकारी(district education officer) के बयान के बाद यह बात तो स्पष्ट हो जाता है कि जिले में शिक्षा का संचालन एवं विद्यालयों की स्थिति कितना बेहतर है इन जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यकाल में यह आप इस विद्यालय की स्थिति देख खुद अंदाजा लगा सकते हैं यदि जिले में पड़ताल की जाए तो ऐसी और कितने विद्यालय है जो इस विद्यालय से भी उनकी बदतर स्थित है।
विद्यालय की ऐसी स्थिति बनाने को लेकर कौन जिम्मेदार है क्या जिम्मेदारों पर कार्यवाही हो पाएगी या नहीं यह कहना मुश्किल हो रहा है।