कौमी एकता और नेत्रदान , पेंशनर्स समाज ने किया शिक्षक सम्मान – डाॅ मुन्ना लाल देवदास

छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज के तत्वावधान में इस वर्ष शिक्षक दिवस को कौमी एकता और नेत्रदान करके एक अलग अन्दाज में मनाया गया।
इस संबंध में हमारे न्यूज संवाददाता ने बताया कि हम हर साल शिक्षक दिवस को भारत के राष्ट्रपति डाॅ राधाकृष्णन के जन्मदिन के रुप में मनाते हैं। जिसका मूल कारण है कि डाॅ राधाकृष्णन राष्ट्रपति बनने से पहले वे एक शिक्षक थे। इसीलिए शिक्षक दिवस के दिन देश के उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार राष्ट्रपति के हाथों से ही दिया जाता है । यह शिक्षक दिवस मनाने की विशिष्ट परंपरा है। इसी परंपरा में 2007 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं साहित्यकार डाॅ मुन्ना लाल देवदास का पेंशनर्स समाज द्वारा आत्मीय सम्मान किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक डाॅ मुन्ना लाल देवदास ने भारत के महान राष्ट्रपति डाॅ राधाकृष्णन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रेरणादायक उदबोधन दिए। और कौमी एकता के सहपाठी मुस्लिम बंधुओं एवं नेत्रदान करने वाले पेंशनर्स समाज के पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई दिए।
इस कार्यक्रम में डाक्टरों की टीम उपस्थित रही जिन्हें नेत्रदान करने हेतु पेंशनर्स समाज अध्यक्ष बैशाखू राम साहू, सचिव तिजम राम साहू, अंकेक्षक होरीलाल साहू आदि ने शपथ पत्र भरकर दिए । इसी कड़ी में कौमी एकता के सहपाठी राजिम नगर के प्रसिद्ध तौफ़ीक़ मोबाइल सेंटर के मुस्लिम बंधुओं ने सबका श्रीफल व अंगवस्त्र से सम्मान किया। और दो सेवानिवृत्त प्रधान पाठक गुलाम इशहाक खान व भाई सलीम खान ने पेंशनर्स समाज में सदस्यता ग्रहण की। इस कौमी एकता की सबने प्रशंसा की।

इसी प्रकार विदेश यात्रा से लौटने की ख़ुशी में अनिल मेघवानी ने सबके लिए स्वल्पाहार और चाय की व्यवस्था की। अनेक पेंशनर्स साथियों का जन्मदिन मनाया गया। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने गीत कविता के माध्यम से डाॅ राधाकृष्णन के जीवन दर्शन पर विचार व्यक्त किए। सदन में जिनकी गरिमामयी उपस्थिति रही राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक गोपाल वर्मा, रामजी यदु, आर एन तिवारी, अशोक शर्मा, रामबिशाल वर्मा, साहित्यकार दिनेश चौहान, मीडिया प्रवक्ता रोमन लाल साहू, सोमन लाल ध्रुव, बसंत शर्मा, राधेश्याम सेन, मनीराम साहू, तुलसी राम धनगर, नूतन साहू, नत्थूराम सर्वे, चोवाराम बंजारे, बलीराम साहू, शतकुमार साहू आदि पेंशनर्स समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य गण बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर कार्यक्रम को सफल बनाए। संचालन पूर्व प्राचार्य व्यास नारायण चतुर्वेदी ने किया।