पाण्डुका अंचल के 66 स्कूलों को राष्ट्रपति पुरस्कृत डाॅ देवदास ने अपनी पुस्तकें भेंट की

छत्तीसगढ़ राज्य के गरियाबंद जिला में पाण्डुका बहुत छोटा सा लेकिन बहुत चर्चित गाँव है। जहाँ 1918 में अंतर्राष्ट्रीय संत महर्षि महेश योगी का जन्म हुआ था। महर्षि की जीवन यात्रा एवं पाण्डुका की विशिष्ट उपलब्धियों को राष्ट्रपति पुरस्कृत प्रधान पाठक व साहित्यकार डाॅ मुन्ना लाल देवदास ने एक पुस्तक में प्रकाशित किया है। पुस्तक का नाम है – ‘ अंतर्राष्ट्रीय संत की जन्मभूमि पाण्डुका ‘ इस पुस्तक में राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय, ऐतिहासिक पौराणिक कला संस्कृति आदि की रोचक तथ्यों को गागर में सागर भरने जैसा प्रयास किया गया है।

यह पुस्तक बच्चों के जनरल नालेज के लिए बहुत उपयोगी है। इसी उद्देश्य से डाॅ देवदास ने पाण्डुका अंचल के 66 स्कूलों को अपनी पुस्तकें भेंट की। जिसे 6 अगस्त को आयोजित मेगा पालक शिक्षक सम्मेलन संकुल केन्द्र पोंड़ में अतिथियों द्वारा वितरण किया गया। पुस्तक वितरण में महत्वपूर्ण योगदान अतरमरा संकुल केन्द्र समन्वयक विनोद सिन्हा, पाण्डुका संकुल समन्वयक संतोष साहू, पोड़ संकुल समन्वयक जितेन्द्र साहू, घटकर्रा संकुल समन्वयक आदि की रही। राष्ट्रपति पुरस्कृत डाॅ मुन्ना लाल देवदास की 17 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। जो वनांचल जिला गरियाबंद के साहित्यिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डाॅ देवदास छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को साहित्य के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। डाॅ देवदास को उनकी इस उपलब्धि पर शुभचिंतकों द्वारा बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही है।