बेतिया राज कार्यालय निर्गत आदेश ज्ञापांक-172 दिनांक- 18.04.2024 को निरस्त करते हुए स्पष्टीकरण समर्पित करने की मांग

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कुमार भास्कर
बेतिया राज, पश्चिम चम्पारण, दिनांक- 24-06-9024 बेतिया राज कार्यालय से आपके द्वारा निर्गत आदेश ज्ञापांक-172 दिनांक- 18.04.2024 को निरस्त करते हुए स्पष्टीकरण समर्पित करने के संबंध में

निदेशानुसार उपर्युक्त विषय के संबंध में कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर सी०डब्ल्यू० जे०सी० सं०-10611/2016 सुरेश राउत एवं अन्य बनाम बिहार सरकार एवं अन्य में
दिनांक-10.07.2019 को पारित आदेश के आलोक में माननीय अध्यक्ष-सह-सदस्य, राजस्व पर्षद, बिहार, पटना द्वारा मामलों की सुनवाई कर
दिनांक-06.06.2023 को आदेश पारित किया गया है जिसका कार्यकारी अंश इस प्रकार है:- “अस्थायी कर्मियों का समायोजन/नियमितिकरण उसी पद या उस वर्ग के समतुल्य पद पर ही किया जा सकता है परन्तु आवेदक सुरेश राउत बेतिया के तत्कालीन गार्डेन पिउन (समूह घ) के कर्मी को बेतिया राज कार्यालय के आदेश 29 दिनांक-21.03.2002 द्वारा समूह- ग (प्रोन्नति के पद) तौजी नवीश पद पर समायोजित किया गया जो नियमानुकूल नहीं था। अतः राउत को समायोजन के तिथि 21.03.2002 से उनके मूल पद गार्डेन पिउन पर नियमित करते हुए तदनुसार देय वेतनादि का भुगतान नियमानुसार शीघ्र करने का आदेश दिया जाता है।” माननीय अध्यक्ष-सह-सदस्य द्वारा पारित उक्त आदेश के आलोक में बेतिया राज कार्यालय के आदेश ज्ञापांक-216 दिनांक 12.07.2023 द्वारा राउत को उनके मूल पद गार्डेन पिउन (समूह घ) पर नियमितिकरण उपरान्त इनका पदस्थापन मलहिया प्रक्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले जिरात एवं पेड़ पौधों की सुरक्षा हेतु किया गया था।

आप अवगत है कि श्री राउत द्वारा अपने सेवा के उच्चतर पद का लाभ लेने हेतु माननीय उच्च न्यायालय, पटना में एम०जे०सी० सं०-1225/2021 भी दायर किया गया है।

उपर्युक्त तथ्यों के बावजूद आपके द्वारा बेतिया राज के कार्यालय आदेश ज्ञापांक-172 दिनांक-18.04.2024 द्वारा सुरेश राउत को उनके पद से उच्चतर पद से संबंधित महत्वपूर्ण वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्य आवंटित किया गया है जो उचित नहीं है।

अतः आपके द्वारा निर्गत आदेश ज्ञापांक-172 दिनांक 18.04.2024 को तत्काल

प्रभाव से निरस्त किया जाता है। बेतिया राज कार्यालय से सटे बेतिया राज की भूमि पर सुरेश राउत द्वारा पक्का मकान निर्माण कर लेने के संबंध में दिया गया आपका प्रतिवेदन स्वीकार योग्य नहीं है। इस संबंध में कार्यालय अभिलेख के आधार पर प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाय कि, इस तरह के मामले में राजस्व

पर्षद की अनुमति प्राप्त की गयी थी अथवा नहीं।

माननीय अध्यक्ष सदस्य, राजश्व पर्षद द्वारा दिनांक-06.06.2024 को पारित आदेश एवं श्री राउत द्वारा अपने पद से उच्चतर पद का लाभ हेतु माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर एम०जे०सी० सं०-1225/2021 के बावजूद आपके द्वारा श्री राउत को अपने पद से उच्चतर पद का महत्वपूर्ण वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्य आवंटित किया जाना वरीय पदाधिकारी के आदेश का उल्लंघन है तथा आपके स्वेच्छाचारिता का प्रतीक है। अतः उक्त के संबंध में अपना स्पष्टीकरण भी राजस्व पर्षद में समर्पित करना सुनिश्चित की जाय।

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