अवैध रेत परिवहन की खबर चलाने से झल्लाये पेट्रोल पंप कर्मचारी ने पत्रकार को दे डाली धमकी!

0 346

मझगवाँ|चित्रकूट का सीमावर्ती इलाका अवैध कार्यो का गढ़ बनता जा रहा है।आये दिन यहां अनेको प्रकार के तस्करी पुलिस का जत्था पकड़ता है एवं कारवाही करता है जिसमे कोरेक्स की खेप,गांजे की तस्करी जैसी चीजें सामान्य रूप से कई बार प्रकाश में आई हैं लेकिन एक तस्करी ऐसी है जो नियमित रूप से साल के 365 दिन चलती है लेकिन इसमें लगाम कस पाने में आज तक प्रशासन के हाथ बंधे नजर आये हैं, जी हा हम बात कर रहे हैं अवैध रेत परिवहन की।मध्यप्रदेश के बरौंधा एवं पहाड़ीखेड़ा मार्ग से उत्तर प्रदेश की अवैध रेत का परिवहन यहाँ सालो से चल रहा है जोकि मध्यप्रदेश सरकार के राजस्व को बाकायदे चूना लगाता है बावजूद इसके खनिज विभाग की दबिश से यह अवैध रेत परिवहन आज तक दूर है।
कभी कभार यह जरूर देखने को मिलता है कि खनिज विभाग रेत से भरे वाहनों में खानापूर्ति के लिए कारवाही करता है लेकिन यह भी नाम मात्र के लिए है।

अवैध रेत परिवहन की खबर चलाने से झल्लाये पेट्रोल पंप कर्मचारी ने पत्रकार को दे डाली धमकी!

जनता रुपी बुनियाद में लोकतंत्र के जो चार स्तंभ खड़े हैं उसमें से एक स्तम्भ को कमजोर करने का प्रयास जोरो पर है।पत्रकार को चौथा स्तंभ की संज्ञा देना ही पर्याप्त नही है अपितु उसकी मान मर्यादा एवं उसके कार्यो की समीक्षा करना भी लोकतंत्र की कार्यप्रणाली में दर्ज है लेकिन हम आये दिन देखते है कि पत्रकारो की अस्मिता में तरह तरह के प्रहार होते हैं और जिम्मेदार इस प्रहार को हर बार रोक पाने में लाचार नजर आते हैं जिसका जीता जागता उदाहरण पुनः चित्रकूट में देखने को मिला।
मझगवाँ थाना अंतर्गत ग्राम पिंडरा से भी उत्तरप्रदेश की सीमा जुडी है जिसका फायदा रेत तस्कर भरपूर उठाते हैं।अवैध रेत का परिवहन कर यह रेत माफिया मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा में बने पेट्रोल पंप में अपने वाहन खड़े करते हैं जिसकी खबर एक स्थानीय पत्रकार द्वारा चलाई जाती है।
खबर चलने से झल्लाये पेट्रोल पम्प के एक कर्मचारी ने पत्रकार को अमर्यादित तरीके से तमाम बातें कही जिसका ऑडियो भी सोसल मीडिया में वायरल हुआ है।
पेट्रोलपम्प कर्मचारी पत्रकार को बाकायदे यह बताता है कि वह पत्रकारो को कितने रूपये में खरीदता है इसके अलावा तमाम तरीको से पत्रकार की अस्मिता को तार तार करने का प्रयास करता है जवाब में पत्रकार अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सिर्फ हा में जवाब देता जाता है।

लगातार पत्रकारो की अस्मिता में हो रहा प्रहार,जिम्मेदार प्रशासन मौन!

यह कोई पहला मामला नही है जब पत्रकार के साथ ऐसा हुआ है,अक्सर ही पत्रकारो की गर्दन पकड़ना ऐसे देशविरोधी लोगो को आसान लगता है लेकिन आज तक पत्रकारो के संरक्षण की जवाबदेही तय करने वाला प्रशासन स्तब्ध नजर आया है।
अब देखना यह है कि क्या इसबार इस पेट्रोल पंप के कर्मचारी के ऊपर कोई कार्यवाही होती है या यह मामला भी अन्य मामलो की तरह पत्रकारो की अस्मिता में एक और प्रहार की तरह दर्ज होकर दफ़्न हो जायेगा।
प्राइड इंडिया न्यूज़ रीवा से
संवाददाता शिबेन्द सिंह की रिपोर्ट
मो, 9993654239

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment