हवा से सूरज को बुझाया नहीं जा सकता, तो क्या रेत माफियाओं को दबाया नहीं जा सकता!निवाला बन रहे पुलिस और पत्रकार! रेत माफियाओं के सामने घुटने पर सरकार

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रिपोर्ट -सीधी से नेशनल ब्यूरो चीफ राकेश शर्मा

सीधी
भेड़िए की तरह घात लगाए बैठे रेत माफियाओं को अंदर ही अंदर क्या माफ कर बढ़ावा दे रही है सरकार…?यह हमारी नजर में एक भीषण और ज्वलंत सवाल है! पुलिस और प्रशासन सहित पत्रकार हर वक्त रहते हैं बेलगाम माफियाओं के राडार पर! नाकाम सरकार इन पर शिकंजा कसने में हीला हवाली करती रहती है! ऐसा लगता है मानो सवालों के जंजीरों में जकड़ी हुई है प्रशासनिक व्यवस्था! तभी तो पहले पटवारी को फिर शहडोल में पुलिस जवान ए.एस.आई. को बड़ी ही बेरहमी के साथ मौत के घाट उतार दिया गया! सीधी में सच लिखने की सजा पत्रकारों को अपना मान सम्मान दांव पर लगाकर भुगतनी पड़ रही है! आए दिन रेत माफिया पत्रकारों को निशाना बना रहे हैं! और यह सब जानते हुए भी सरकार खामोश है!

बेबस दिखती सरकार के सामने ताजा उदाहरण है➖शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन की सूचना मिलने पर कार्यवाही करने पहुंचे ASI महेंद्र बागरी थाना व्यवहारी को अवैध रेत से लोड ट्रैक्टर चालक ने बड़ी ही निर्दयतापूर्वक ट्रैक्टर से कुचल कर जान लेली! परिवार में हाहाकार, पर क्यों चुप है सरकार! कुछ महीनों पहले ही अवैध रेत के उत्खनन की कार्रवाई करने गए पटवारी को रेत माफियाओं ने ट्रैक्टर से कुचलकर उनकी हत्या कर दी थी।

यह मामला कोई नया नहीं है 5 महीने पहले जब रेत खनन माफियाओं ने व्योहारी तहसील के एक पटवारी प्रसन्न सिंह को ट्रैक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था। तब भी सरकार नहीं जगी थी!ठीक ऐसा ही एक और मामला मध्य प्रदेश के सीधी जिले से सिहावल जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत पहाड़ी टिमसी में जहां विंध्य भारत न्यूज़ पत्रकार मनीष द्विवेदी द्वारा सोन घड़ियाल अभ्यारण प्रतिबंधित क्षेत्र के अवैध रेत उत्खनन की खबर प्रकाशित करने पर दूसरे ही दिन उन पर जानलेवा हमला किया गया! जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आई और लहू लुहान स्थिति में अमिलिया थाना में एफ. आई. आर. दर्ज करने पहुंचे थे! l हालांकि यहां पर पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी गई थी! जिसके लिए यहां की पुलिस निश्चित रूप से धन्यवाद की पात्र है |

जिंदगी के रफ्तार की तरह बेलगाम होते रेत माफियाओं के चलते प्रदेश की कानून व्यवस्था कई सवालों के जंजीरों में जकड़ी हुई दिखाई देती है! वक्त बड़ा धारदार होता है, लेकिन सरकार का कोई कदम क्यों नहीं असरदार होता है प्रस्तुत है सीधी से नेशनल ब्यूरो चीफ राकेश शर्मा की यह पूरी रिपोर्ट….!

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