उत्तरजीवी के जीजा द्वारा उसे बहला-फुसलाकर ले जाने व दैहिक शोषण करने पर आरोपी जीजा को 20 वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माने से दण्डित किया

माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी जीजा को थाना अधारताल के अपराध क्रं. 273/2023 व न्यायालय के विशेष प्रकरण क्रमांक 80/2023 अंतर्गत लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 सहपठित धारा 4(2) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रू अर्थदण्ड से दंडित किया।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 01.03.2023 को उत्तरजीवी की माता के द्वारा थाना अधारताल में उत्तरजीवी के गुम होने के संबंध में सूचना इस आशय की दी गई कि उसकी बडी बेटी अर्थात् उत्तरजीवी की बड़ी बहन का विवाह 6 साल पहले किया था। उत्तरजीवी के पिता का देहांत एक साल पहले हो गया है, जिसकी वर्षी दिनांक 28.02.2023 को उनके घर में थी, जिसमें सम्मिलित होने के लिये उसका दामाद उनके घर पर आया था। शाम के करीबन 07ः00 बजे उत्तरजीवी को उसका दामाद बहला-फुसला कर कहीं लेकर चला गया था, परंतु वह अभी तक वापस नहीं आई है। उत्तरजीवी की तलाश आस-पास, पड़ोस में व रिश्तेदारी में की गई, परंतु उसका कोई पता नहीं चला। उसके दामाद से संपर्क करने पर उसका फोन बंद आ रहा है। उसे शक है कि उत्तरजीवी को उसका दामाद ही बहला-फुसला कर लेकर गया है। उत्तरजीवी की माता की उक्त सूचना के आधार पर थाना अधारताल के अपराध कमांक 273/2023, अंतर्गत धारा 363 के तहत रिपोर्ट लेखबद्ध कर विवेचना में लिया गया जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक उषा विश्वकर्मा द्वारा की गई। विवचेना के दौरान अनुसंधानकर्ता अधिकारी के द्वारा साक्षीगण के कथन उनके बताये अनुसार लेखबद्ध किये गये। उत्तरजीवी को दस्तयाब कर मेडिकल परीक्षण हेतु उसे एल्गिन अस्पताल भेजा गया। डीएनए रिपोर्ट पाॅजिटिव पाई गई। उत्तरजीवी के जीजा द्वारा उसे बहला-फुसलाकर ले जाने व उसका दैहिक शोषण करना प्रमाणित पाया गया। विवेचना उपरांत धारा 366, 342, 376, 376(3) व 376(2एन), भादवि एवं धारा 3/4 व 5एल/6 पाॅक्सो एक्ट व बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9 का इजाफा कर अभियोग पत्र विचारार्थ न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। उप-संचालक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उईके व जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय कुमार जैन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती मनीषा दुबे द्वारा उक्त मामले में सशक्त पैरवी की गई।
श्रीमती मनीषा दुबे विशेष लोक अभियोजक के तर्को से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी जीजा को थाना अधारताल के अपराध क्रं. 273/2023 व न्यायालय के विशेष प्रकरण क्रमांक 80/2023 अंतर्गत लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 सहपठित धारा 4(2) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रू अर्थदण्ड से दंडित किया।
भगवत उईके
मीडिया सेल प्रभारी/
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी
जिला-जबलपुर