मूक बधिर अवयस्क बालिका का अपहरण कर उसके साथ दुष्कृत्य करने वाले आरोपी को हुआ आजीवन कारावास

इंदौर :- जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि दिनांक 06.11.2023 को माननीय न्यायालय पन्द्रहवें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) श्रीमती पावस श्रीवास्तव, इंदौर ने थाना लसूडिया, के विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 34/2022 में निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त विजय, उम्र 25 वर्ष निवासी थाना हातोद, जिला इन्दौर को धारा 376(2)(एल) भा.दं.वि. एवं 5(के)/6 (पॉक्सो अधिनियम) में आजीवन कारावास एवं धारा 366 भा.दं.वि. 10 वर्ष का सश्रम कारावास व धारा 363 भा.दं.वि. में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 2000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में अभियोजन (शासन) की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री संजय मीणा द्वारा की गयी।
नोट :- न्यायालय द्वारा पीड़िता को मध्य प्रदेश अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना, 2015 के प्रावधान अनुसार 2,00,000/- (दो लाख) रुपये की राशि दिलाये जाने की अनुशंसा की गयी।
अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 26.12.2021 को पीड़िता की माता ने थाना लसूडिया में यह रिपोर्ट की कि उसकी लड़की पीड़िता गूंगी-बहरी है। आज सुबह 08:00 बजे वह काम पर गई थी, तब पीड़िता व उसका छोटा लड़का दोनों घर पर थे। जब शाम को वह घर वापस आई तो पीड़िता घर पर नहीं मिली तब उसके छोटे लड़के से पूछा तो उसने कहा कि पीड़िता कहीं चली गई है फिर उसने अपनी लड़की पीड़िता की आस-पास व रिश्तेदारों में पूछताछ की, किन्तु कुछ पता नहीं चला। कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी लड़की पीड़िता को बहला-फुसलाकर ले गया है। पीड़िता की माता की इस रिपोर्ट पर थाना लसूडिया में अपराध क्रमांक 1710/2021, धारा धारा 363 भा.दं.वि. प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई। विवेचना दौरान अवयस्क बालिका को दस्तयाब किया गया, अवयस्क बालिका का मेडिकल परीक्षण एवं उसके कथन गूंगी-बहरी होने के कारण शिक्षिका द्वारा सांकेतिक भाषा में करवाये गए, जिसमें उसके द्वारा बताया गया कि आरोपी द्वारा उसको ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया गया। आरोपी को गिरफ्तार किया जाकर संपूर्ण अनुसंधान होने के पश्चात् अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिस पर से अभियुक्त को उक्त दण्ड से दण्डित किया।
पैरवीकर्ता जिला लोक अभियोजन अधिकारी,
जिला इंदौर (म.प्र.)