सिहावल: रावण दहन धू-धू कर जला अहंकारी रावण,अधर्म पर धर्म की हुई जीत

प्राइड इंडिया न्यूज़ हर सच जो आप जानना चाहें
सिहावल: सीधी (मध्य प्रदेश)
मां शक्ति सेवा समिति सिहावल द्वारा मिनी स्टेडियम सिहावल में नवरात्रि के दसवें दिन हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रावण के पुतले जलाने का शुभ समय 24 अक्टूबर, मंगलवार को शाम 5.22 से शाम 6.59 बजे तक था । जिसमे देर रात 11:30 बजे कलाकारों द्वारा रामायण के पात्रों की वेशभूषा मे भगवान श्रीराम के जीवन दृश्य का मंचन किया गया मेघनाथ, कुंभकरण एवं महां अधर्मी रावण के साथ महायुद्ध का मंचन हुआ और अधर्म पर धर्म की जीत, अत्याचार पर सदाचार की जीत, असत्य पर सत्य की जीत, बुराई पर अच्छाई की जीत एवं पाप पर पुण्य की जीत के प्रतीक विजयदशमी के अवसर पर रावण दहन हुआ |

दुर्गा की इस विजय को विजयदशमी का नाम दिया गया है। वहीं दशहरे की पौराणिक कथा के मुताबिक इस दिन श्री राम ने रावण का वध किया था। राम जी ने 9 दिनों तक मां दुर्गा की अराधना करने के बाद दशमी के दिन रावण का वध किया था और इस तरह बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी।
सिहावल क्षेत्र में जगह-जगह दुर्गा प्रतिमाओं को स्थापित कर नौ दिनों तक लगातार भक्त शक्ति उपासना मे मां के भक्ति में लीन रहते हैं, किंतु कुछ खास वजह हैं जो सिहावल के मिनी स्टेडियम में मां शक्ति सेवा समिति के नवरात्रि पर्व एवं विजयदशमी के रावण दहन को खास बनाती है | इस अवसर पर क्षेत्र के गुप्ता समाज के व्यावसायिक एवं सभी भक्तगण अपने अनोखे अंदाज में विजयदशमी के दिन मां की झांकी को नगर भ्रमण हेतु रात्रि में जय श्री राम जय- जय श्री राम के नारे के साथ भक्ति के रंग में झूमते गाते डीजे बाजे गाजे के साथ निकालते हैं एवं मिनी स्टेडियम में वापस आकर रावण दहन के कार्यक्रम में शामिल होते हैं |
इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से चौकी प्रभारी उप निरीक्षक फूलचंद बागरी अपने दलबल के साथ पुलिस प्रोटेक्शन में सजग देखे गए |
प्राइड कदम हिंदी समाचार एवं प्राइड इंडिया न्यूज़ सीधी (मध्य प्रदेश)