अवयस्क बालिका के साथ सामूहिक दुष्कृत्य करने वाले आरोपीगण को हुआ 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास

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इंदौर – जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव, ने बताया कि दिनांक 16.10.2023 को माननीय न्‍यायालय – पंचम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश, इन्दौर (मध्य. प्रदेश) (पॉक्सो एक्ट) श्रीमती रश्मि वाल्टर, ने थाना तिलकनगर, इन्दौर, जिला इन्दौर के अपराध क्रमांक 83/2018 में निर्णय पारित करते हुए आरोपीगण अक्षय उर्फ अक्षत आयु 23 वर्ष, राजु पाटिल आयु 32 वर्ष, धर्मेन्द्र ठाकुर आयु 28 वर्ष , सचिन पिओतकर आयु 21 वर्ष, निवासीगण इन्दौर को धारा 376(घ) भा.दं.वि. में 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं आरोपी संजय उर्फ संजू आयु 35 वर्ष निवासी इन्दौर को धारा 376 भा.दं.वि. में 20 वर्ष का सश्रम कारावास तथा सभी आरोपियों पर कुल अर्थदण्ड 25500/- रुपये से भी दण्डि‍त किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्रीमती प्रीति अग्रवाल द्वारा की गई।
नोट – पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत माननीय न्यायालय द्वारा पीड़िता को 200000/- रुपये प्रतिकर राशि दिलवाए जाने की अनुशंसा की गई।
अभियोजन कहानी के अनुसार आरक्षी केंद्र तिलकनगर, इन्दौर में दिनांक 12.03.2018 को पीड़िता की माता ने उपस्थित होकर पीड़िता की गुमशुदगी रिपोर्ट लेखबद्ध कराई, जिसके आधार पर आरक्षी केंद्र तिलकनगर के अपराध कमांक 83/2018 के अंतर्गत धारा 363 भा.दं.स. की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई। प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता को दस्तयाब किया गया दिनांक 17.04.2018 को पीड़िता ने उसकी मां के साथ उपस्थित होकर थाना तिलक नगर में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उल्लेख था कि दिनांक 09.03.2018 को उसकी मां से उसकी लड़ाई हो गई थी, जिसके कारण वह घर छोड़कर चली गई थी। दोपहर के समय वह घर वापस आ रही थी उसे अक्षत उर्फ अक्षय मिला और कहा कि चल उसकी मौसी के घर मयूर नगर से उसके कपड़े लेकर आते है। अभियुक्त अक्षय पीड़िता को मयूर नगर न ले जाकर आशा नगर बंगाली चौराहा सहअभियुक्त राजू के घर ले गया और अक्षय ने उसके साथ वहां गलत काम किया। शाम 03 से 03:30 बजे के मध्य संजु पाटिल वहां आया और पीडिता को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और उसके साथ गलत काम किया। दिनांक 10.03.2018 को सहअभियुक्तगण धर्मेंद्र और सचिन आए उन्होंने ने भी पीड़िता के साथ बारी-बारी से गलत काम किया। दिनांक 11.03.2018 को पीड़िता बाहर निकलकर जा रही थी तभी उसे अक्षत एवं राजु जबरन पीड़िता को राजु के घर लेकर गए और यहीं पर राजू ने उसके साथ गलत काम किया। दिनांक 13.03.2018 को 10 से 11 बजे के मध्य पीड़िता को अक्षय ने टेलीफोन नगर नाकोड़ा के पीछे छोड़ दिया था। पीड़िता उसके घर आई अभियुक्तगण द्वारा पीड़िता को धमकी दी गई थी। पीड़िता ने दिनांक 16.04.2018 को उक्त घटना अपनी माता को बताई थी तथा माता के साथ पुनः आरक्षी केंद्र तिलकनगर आकर घटना के संबंध में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। उक्त आवेदन पर से आरोपीगण के विरुद्ध अन्वेषण प्रारम्भ किया गया एवं अन्वेषण दौरान आरोपीगण के विरुद्ध धारा 363, 376(1), 376(डी), 376 (2) (एन) भा.दं.सं एवं धारा 3/4, 5(एल)(जी)/6 पॉक्सो एक्‍ट का इजाफा किया गया एवं संपूर्ण विवेचना पूर्ण होने पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।, जिस पर से अभियुक्त‍गण को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

पैरवीकर्ता जिला अभियोजन अधिकारी
जिला इंदौर (म.प्र.)

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