नाबालिक के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माने से दण्डित किया

माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी पारस चौधरी को थाना अधारताल के अप0 क्रं. 772/2022 व विशेष प्रकरण क्रमांक 165/2022 अंतर्गत धारा लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 सहपठित धारा 4(2) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 01.08.2022 को उत्तरजीवी की माता के द्वारा थाना अधारताल में उपस्थित होकर, उत्तरजीवी के गुम होने की सूचना दी गई, जिसके आधार पर गुमशुदा व्यक्ति पंजीकरण तैयार किया गया एवं रिपोर्ट, अपराध क्रमांक 772/2022, अंतर्गत धारा 363 के तहत इस आशय की लेखबद्ध कराई गई कि दिनांक 01.08.2022 को सुबह 06ः00 बजे जब वे सो रहे थे, उसी समय उत्तरजीवी घर पर किसी को बिना बताये कहीं चली गई। जब वह सोकर उठी तो देखा कि उत्तरजीवी घर पर नहीं है, जिसके बाद उसने उत्तरजीवी को आस-पड़ोस में एवं सभी संभावित स्थानों पर तलाश किया, परंतु उसका पता नहीं चला। उसे ऐसा प्रतीत होता है कि कोई अज्ञात व्यक्ति उत्तरजीवी को बहला-फुसला कर ले गया है। उक्त के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक उषा विश्वकर्मा द्वारा की गई। विवेचना के क्रम में दिनांक 26.08.2022 को उत्तरजीवी को दस्तयाब किया गया। उत्तरजीवी का मेडिकल परीक्षण के लिए अनुमति प्राप्त कर परीक्षण हेतु एल्गिन अस्तपताल भेजा गया। उत्तरजीवी ने बताया कि अभियुक्त उसे अपनी दीदी के घर ले गया था। वह वहां पारस की दीदी के यहा रहती थी। वहां उसके अभियुक्त से 3-4 बार शारीरिक संबंध भी बने थे। विवेचना पूर्ण कर भादवि की धारा 366, 342, 376, 376(2एन) एवं पाक्सो की धारा 3/4 व 5एल/6 का इजाफा कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उप-संचालक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उईके व जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय कुमार जैन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती मनीषा दुबे द्वारा उक्त मामले में सशक्त पैरवी की गई।
श्रीमती मनीषा दुबे विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी पारस चौधरी को थाना अधारताल के अप0 क्रं. 772/2022 व विशेष प्रकरण क्रमांक 165/2022 अंतर्गत धारा लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 सहपठित धारा 4(2) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
भगवत उईके
मीडिया सेल प्रभारी/सहायक
जिला लोक अभियोजन अधिकारी
जिला – जबलपुर म0प्र0