मेडिकल बिल पास करवाने की रिश्वत लेने वाले आरोपी शासकीय सेवक को हुआ 4 वर्ष का सश्रम कारावास

इंदौर – जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव, ने बताया कि दिनांक 27/09/2023 को माननीय न्यायालय- श्री राकेश गोयल, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष न्यायालय, इंदौर ने विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 18/2017 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी ब्रजेन्द्र शरण गुप्ता निवासी इंदौर को धारा 7 एवं 13(1) व सहपठित धारा 13(2) भ्रष्टाटचार निवारण अधिनियम में 4 वर्ष सश्रम कारावास एवं कुल 4000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया । प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्रीमती ज्योति गुप्तां द्वारा पैरवी करते हुये लिखित अंतिम तर्क तथा न्यायदृष्टांत भी प्रस्तुत किये गए।
घटना का संक्षिप्त विवरण यह है कि शिकायतकर्ता सतीश शर्मा आर. क्रमांक 112 म.नं. ए एल 308 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पीथमपुर जिला धार ने दिनांक 06.01.2014 को एक लिखित आवेदन पत्र श्रीमान् पुलिस अधीक्षक महोदय लोकायुक्त इन्दौर को लोकायुक्त कार्यालय में पेश किया था कि आवेदक की कम्पनी अलीराजपुर में है इसने अपनी पत्नि श्रीमति रितु शर्मा का इलाज इंडियन रेडकास सोसाइटी महू में कराया था जिसका कार्योत्तर स्वीकृति हेतु मेडिकल बिल 43471 रु. का भरकर इसने प्रथम बाहिनी के सेनानी के कार्यालय में माह अक्टूबर 2013 में जमा किया था । करीब एक डेढ़ माह पहले सेनानी कार्यालय इंदौर में पदस्थ आर. शैलेन्द्र ने इसे फोन पर बताया कि आवेदक की पत्नी के मेडिकल बिल के संबंध में सिविल सर्जन कार्यालय इंदौर से गुप्ता बाबूजी का फोन आया था कि मेडिकल बिल में कुछ कमी है, तथा गुप्ता बाबू का मोबाइल नम्बर देकर बात करने का कहा था। आवेदक ने दिये गये मोबाइल फोन मो. नं.9826266198 पर गुप्ता जी से दिनांक 30.12.13 को बात की तो गुप्ता जी ने मेडिकल बिल के साथ डिस्चार्ज कार्ड एवं अंतिम बिल लगाने के बाद बिल पास होने का कहा आवेदक 2 जनवरी 2014 को बृजेन्द्र गुप्ता से मिला और डिस्चार्ज कार्ड और अंतिम बिल गुप्ता जी को दे दिया एवं आवेदक से मेडिकल बिल की राशि में से जितनी मंजूर होगी उसकी दस प्रतिशत राशि की रिश्वत की मांग की। रविवार को फोन पर बृजेन्द्र गुप्ता से बात करने पर उसने आवेदक का बिल मंजूर होने की जानकारी देते हुये सोमवार को स्वीकृत पेमेंट के दस प्रतिशत की बात करने बुलाया था आवेदक श्री गुप्ता को रिश्वत नहीं देना चाहता है बल्कि रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था आवेदन पर लोकायुक्त कार्यालय इंदौर द्वारा कार्यवाही करते हुए ब्रजेन्द्र शरण गुप्ता की टेबल से 4000 रूपये जप्त किये एवं विवेचना उपरांत अंतिम प्रतिवेदन सक्षम न्या्यालय में प्रस्तुत किया । जिस पर से अभियुक्त को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी
पैरवीकर्ता जिला इंदौर (म.प्र.)