अवयस्क बालिका के साथ दुष्कृत्य करने वाले आरोपी को हुआ आजीवन कारावास

इंदौर :- जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि दिनांक 31.08.2023 को माननीय न्यायालय पन्द्रहवें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) श्रीमती पावस श्रीवास्तव, इंदौर, जिला इंदौर (मध्य प्रदेश) ने थाना विजय नगर, इंदौर के प्रकरण क्रमांक 01/2020 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी राजेन्द्र उर्फ राजू, उम्र 25 वर्ष, निवासी विजय नगर, इंदौर को धारा 376(2)(एन) भा.दं.सं., 5(एल) सहपठित 6 पॉक्सो एक्ट, 5(जे)(ii) सहपठित 6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास तथा धारा 366 भा.दं.सं. में 10 वर्ष एवं धारा 363 भा.दं.सं. में 07 वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 2500/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री संजय मीणा द्वारा की गयी।
नोट :- न्यायालय द्वारा पीडि़त बालिका को म.प्र. अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना 2015 के प्रावधान अनुसार 2,00,000/- (दो लाख रुपये) रुपये की राशि दिलाये जाने की अनुशंसा की गयी।
अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 04.10.2019 को थाना विजय नगर की उपनिरीक्षक ने रोजनामचा सान्हा क्रमांक 35/19 की जांच हेतु एम.वाय. एच. अस्पताल पहुंची एवं पीड़िता से पूछताछ कर देहाती नालिसी लेखबद्ध की, जिसमें पीड़िता द्वारा बताया गया कि वह कक्षा दसवीं की पढ़ाई कर रही है, एक लड़का पिछले छः महीने से उसके स्कूल के बाहर दुकानों के आस-पास खड़ा रहता था। एक दिन उस लड़के ने आकर अपना नाम राजू बताया और उससे दोस्ती करने को बोला तब उसने राजू से दोस्ती कर ली। कुछ दिन बाद राजू उसे मिलने के लिए बुलाने लगा। दिनांक 10.07.2019 को राजू दोपहर 02:00 बजे के लगभग उसे अपने घर, जो कि उसके घर के पीछे वाली गली में है, पर बात करने के बहाने लेकर गया, उस दिन उसके घर पर कोई नहीं था फिर उसने अपने घर में उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध (बलात्कार) किया और बोला कि अगर यह बात किसी को बताई तो उसे बदनाम कर देगा। उसने डर के कारण यह बात किसी को नहीं बताई। दो-चार दिन बाद राजू ने उसे बोला कि चल वह उसे अपने मम्मी-पापा से मिलवाता है और शादी की बात करता है, ऐसा बोलकर फिर से उसे अपने घर ले गया, उस दिन भी उसके घर पर कोई नहीं था फिर उसने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ दिन बाद उसे चक्कर, उल्टियां आ रही थी तो उसे उसके मम्मी-पापा डॉक्टर को दिखाने के लिए गए, जहां डॉक्टर ने बताया कि वह प्रेग्नेंट है तब उसने अपने मम्मी-पापा को पूरी घटना बताई। पीड़िता की इस देहाती नालिसी के आधार पर थाना विजय नगर में अपराध क्रमांक 943 / 2019 पर राजू के विरुद्ध भा.दं.सं. की धारा 376 (2) (एन) एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5 (एल)/6 के अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना आरंभ की गई। विवेचना के दौरान घटनास्थल का नक्शा-मौका बनाया गया तथा साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किए गए। पीड़िता के धारा 164 दं.प्र.सं. के कथन न्यायालय में करवाए गए। अभियुक्त को गिरफ्तार कर गिरफ्तारी पंचनामा बनाया गया। पीड़िता की उम्र के संबंध में दस्तावेज जप्त किए गए। पीड़िता और अभियुक्त का मेडिकल कराया गया। पीड़िता के गर्भवती होने के कारण माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार उसका गर्भपात मेडिकल बोर्ड द्वारा एम. वाय. अस्पताल में किया गया। पीडिता एवं अभियुक्त के प्रदर्शों को एफ. एस. एल. जांच हेतु भेजा गया तथा उनके प्रदर्शों एवं पीड़िता के भ्रूण की डी.एन.ए. जांच करवाई गई। संपूर्ण विवेचना उपरांत धारा 363, 366, 376 (3) भा.दं.सं. एवं धारा 5 (जे) (11)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अपराध बढ़ाते हुए अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। संपूर्ण अनुसंधान होने के पश्चात् अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिस पर से अभियुक्त को उक्त दण्ड से दण्डित किया।
पैरवीकर्ता जिला लोक अभियोजन अधिकारी,
जिला इंदौर (म.प्र.)